RTE के तहत बच्चों के लिए खुले निजी स्कूलों के दरवाजे, लाखों छात्रों को मिला प्रवेश
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से आवेदन, सत्यापन और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिससे पात्र बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिल रहा है।
दो चरणों में 1.56 लाख से अधिक प्रवेश
प्रदेश में RTE के तहत प्रथम और द्वितीय चरण को मिलाकर 1.56 लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। पहले चरण में प्रदेशभर में करीब 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया गया, जबकि दूसरे चरण की लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश मिला है। इस प्रक्रिया से बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिला है।
कई जिलों में हजारों छात्रों को मिला लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन सत्यापित किए गए और हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला। सबसे अधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा और मुरादाबाद जैसे जिलों में हुए हैं। इसके अलावा अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ और गाजियाबाद में भी बड़ी संख्या में बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है।
निजी स्कूलों में पढ़ाई का मिला मौका
दरअसल RTE अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है, जिससे चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। इस व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समाज के सभी वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य की पहल
प्रदेश सरकार का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव होती है। इसी सोच के साथ यह प्रयास किया जा रहा है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़ाई कर सकें और अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया के आगामी चरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके।
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