प्राइवेट सेक्टर की वृद्धि दर 6 महीने की ऑल टाइम हाई पर, HSBC ने जारी किया PMI डेटा

HSBC PMI Data : भारत का प्राइवेट सेक्टर शानदार परफॉर्मेंस करने के साथ फरवरी में 6 महीने के हाई लेवल पर पहुंच गया है. HSBC के फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के मुताबिक, यह तेजी सर्विस सेक्टर की मजबूत तेजी की वजह से देखने को मिली है.

फरवरी में इतना पहुंचा कंपोजिट आउटपुट

फरवरी में कंपोजिट PMI आउटपुट 60.6 तक पहुंच गया है, जो जनवरी में 57.7 था. S&P ग्लोबल की एक सर्वे में खुलासा हुआ कि रोजगार के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बढ़िया संकेत है.

हालांकि, इस दौरान न्युफैक्चरिंग सेक्टर के PMI में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जो जनवरी में 57.7 परसेंट के मुकाबले अब 57.1 परसेंट तक चला गया है. इस बीच, रोजगार भी बढ़ी है क्योंकि सर्विस कंपनियों ने कर्मचारियों की अधिक तेजी से भर्ती की है. फुलटाइम और पार्टटाइम पर वर्कर्स रखे गए.

नए ऑर्डस की भी संख्या बढ़ी

रिपोर्ट के मुताबिक, मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में देश और विदेश के क्लाइंट्स से बढ़ती डिमांड की वजह से नए ऑडर्स की संख्या बढ़ी है. निजी सेक्टर में सेल्स बढ़ी है और सर्विस कंपनी में बिजनेस एक्टिविटी भी तीन महीने के हाई लेवल पर पहुंच गई है. कंपोजिट लेवल पर नए एक्सपोर्ट के ऑर्डर भी बढ़े हैं.

HSBC में चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने द मिंट से बात करते हुए कहा, दुनिया भर में तेजी से स्टॉक भरने की वजह से एक्सपोर्ट्स के नए ऑर्डर बढ़े हैं. इसी के साथ आउटपुट में आई तेजी के चलते फर्म आने वाले समय को लेकर आशावादी हैं. इनपुट कीमतों में कमी और आउटपुट में तेजी आने की वजह से मार्जिन का लेवल भी सुधरा है, खासकर गुड्स प्रोड्यूसर्स के लिए.

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