यूपी में फिर लौटेगा प्रियंका गांधी का ‘क्रेज’, 2027 के चुनाव में संभाल सकती हैं कमान
Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस महासचिव और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन पर सोमवार को उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में जश्न का माहौल रहा। कहीं केक कटा, तो कहीं गरीबों और बच्चों के बीच फल व किताबें बांटी गईं। लेकिन इस जश्न के बीच सबसे बड़ी खबर यह रही कि प्रियंका गांधी अब असम चुनाव की तर्ज पर यूपी में फिर से बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।
‘परिवर्तन संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया गया जन्मदिन
यूपी कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग ने इस दिन को ‘परिवर्तन संकल्प दिवस’ के रूप में मनाया। विभाग के अध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि अब पार्टी साल भर ‘परिवर्तन रैलियां’, ‘चौपालें’ और ‘परिवर्तन संवाद’ जैसे कार्यक्रम करेगी। पार्टी का मुख्य फोकस महिलाओं, युवाओं और दलित-पिछड़ा वर्ग को अपने पाले में वापस लाने पर है।
क्या है प्रियंका गांधी का नया ‘प्लान यूपी’?
पार्टी सूत्रों और हालिया घटनाक्रमों से कुछ बड़े संकेत मिल रहे हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों में टिकटों के बंटवारे से लेकर रैलियों के रोडमैप तक, सब कुछ प्रियंका की निगरानी में हो सकता है। पिछले महीने दिल्ली की रैली में प्रियंका ने यूपी के कई जिला अध्यक्षों से सीधे मुलाकात कर उन्हें सक्रिय होने के निर्देश दिए थे। जिस तरह उन्होंने असम में चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी, वैसी ही सक्रियता अब यूपी के गलियारों में दिखने वाली है।
जमीनी स्तर पर जुटे कार्यकर्ता
गोरखपुर में प्रियंका गांधी का जन्मदिन कुछ अलग अंदाज में मनाया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह के नेतृत्व में दाऊदपुर की मलिन बस्ती में सफाईकर्मियों, आशा बहुओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वस्त्र बांटे गए। साथ ही, बच्चों को पढ़ाई के लिए कॉपी-किताबें और पेन-पेंसिल दी गईं, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि कांग्रेस समाज के हर तबके के साथ जुड़ी है।
2019 में राजनीति में आने के बाद 2022 का चुनाव भी प्रियंका के नेतृत्व में लड़ा गया था। हालांकि अभी प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे हैं, लेकिन कार्यकर्ताओं की मांग और आलाकमान के संकेत बता रहे हैं कि 2027 की असली ‘रणभेरी’ प्रियंका गांधी ही फूंकेंगी।
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