गोरखपुर में महिला रिक्रूट्स से दुर्व्यवहार करने वाला पीटीआई निलंबित, यूपी पुलिस ने दिखाई सख्ती

Sandesh Wahak Digital Desk : उत्तर प्रदेश पुलिस ने गोरखपुर स्थित 26वीं वाहिनी पीएसी में चल रहे महिला रिक्रूट्स के प्रशिक्षण में सामने आई समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुशासनहीनता दिखाने वाले पीटीआई को निलंबित कर दिया है। महिला रिक्रूट्स से अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने की शिकायत पर यह कदम उठाया गया। एडीजी पीएसी ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षियों की गरिमा, निजता और कल्याण यूपी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि रिक्रूट्स को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण, सुविधाजनक और सुरक्षित वातावरण देना हमारी प्रमुख जिम्मेदारी है।

कैमरा लगाने की बात पूरी तरह निराधार : एडीजी पीएसी

हाल ही में सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि महिला रिक्रूट्स के बाथरूम में कैमरे लगे हैं। इस पर सफाई देते हुए एडीजी पीएसी ने इसे पूरी तरह तथ्यहीन और अफवाह करार दिया। साथ ही यह भी बताया गया कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण जल की अस्थायी समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसे अब दुरुस्त कर लिया गया है।

सोशल मीडिया पर फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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डा प्रितेन्दर सिंह आईजी पीएसी मध्य जोन

एडीजी पीएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि यूपी पुलिस अनुशासन, गरिमा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करती है और किसी भी तरह की लापरवाही या अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

योगी सरकार में महिला पुलिस बल को मिली नई उड़ान

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस में 2.16 लाख भर्तियां की हैं, जिनमें 60 हजार से अधिक भर्ती हाल ही में की गई है। खास बात यह है कि महिला आरक्षियों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। 2017 तक यूपी पुलिस में जहां केवल 10 हजार महिला आरक्षक थीं, वहीं अब यह संख्या 40 हजार के पार जा चुकी है। इस बार भर्ती किए गए 12 हजार से अधिक रिक्रूट्स बेटियां हैं।

आधुनिक सुविधाओं से लैस प्रशिक्षण केंद्र

गोरखपुर में 600 महिला रिक्रूट्स के प्रशिक्षण की व्यवस्था 26वीं वाहिनी पीएसी के नवनिर्मित 11 मंजिला बैरक टॉवर में की गई है। यह टॉवर लिफ्ट, आधुनिक टॉयलेट, डायनिंग हॉल, लॉबी किचन और रिक्रिएशन हॉल जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त है। ट्रेनिंग सेंटर में कानूनी ज्ञान, सेवा भाव, संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही खेलकूद और मनोरंजन की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि रिक्रूट्स का मानसिक स्वास्थ्य भी सुदृढ़ बना रहे।

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