आर.के. सिंह ने छोड़ी BJP: निलंबन नोटिस के तुरंत बाद दिया इस्तीफा, बोले- मेरा बयान एंटी-पार्टी नहीं

Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। यह कदम पार्टी द्वारा शनिवार सुबह ‘एंटी-पार्टी गतिविधियों’ के आरोप में उन्हें निलंबित करने और शो-कॉज नोटिस जारी करने के तुरंत बाद आया है। सिंह ने अपना इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को भेजा है।

इस्तीफे का कारण और सिंह का तर्क

आर.के. सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका बयान क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को टिकट दिए जाने के खिलाफ था। उन्होंने तर्क दिया कि उनका यह रुख किसी भी तरह से ‘एंटी-पार्टी’ नहीं था, बल्कि यह देश और समाज के व्यापक हित में उठाया गया था।

सिंह ने मीडिया के माध्यम से पता चलने वाले निलंबन और शो-कॉज नोटिस को स्वीकार किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस में आरोपों का विवरण नहीं दिया गया था, जिससे औपचारिक जवाब देना संभव नहीं था।

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर कुछ लोग राजनीति के अपराधीकरण पर रोक लगाने के विरोध में हैं, जिसके कारण उन पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने पत्र के अंत में लिखा, “I hereby resign from the primary membership of BJP.”

पार्टी की कार्रवाई और अन्य निलंबित नेता

आर.के. सिंह का इस्तीफा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिससे पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। चुनाव के बाद विद्रोहियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए, बीजेपी ने शनिवार को आर.के. सिंह सहित MLC अशोक कुमार अग्रवाल और कटिहार की मेयर उषा अग्रवाल को भी ‘संगठनात्मक अनुशासन के उल्लंघन’ के आरोप में निलंबित कर दिया था।

नोटिस में आर.के. सिंह पर सार्वजनिक बयान और व्यवहार के माध्यम से पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था, जिसके लिए उन्हें एक सप्ताह के भीतर औपचारिक जवाब देने के लिए कहा गया था। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब आर.के. सिंह की स्थिति और उनके कारणों का आकलन पार्टी नेतृत्व द्वारा किया जाएगा।

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