Raebareli News: स्कूल के गलियारे फिर गूंजे हंसी-ठिठोली से, जब मिले 1987-89 बैच के पुराने यार

Sandesh Wahak Digital Desk: वक्त भले ही बीत गया हो, लेकिन स्कूल की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला 27 जुलाई 2025 को, जब राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) रायबरेली के 1987-89 बैच के पूर्व छात्र सालों बाद एक बार फिर उसी पुराने अंदाज में मिले। यह सिर्फ एक रिइयूनियन नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक सफर था—जहां जिम्मेदारियों की दुनिया से निकलकर दोस्त फिर से बच्चों जैसे हो गए।

पुरानी यादें फिर से हुई ताज़ा

दिल्ली, मुंबई, अमेरिका और गल्फ देशों से दोस्त पहुंचे, तो कई लोग ऑनलाइन ज़ूम कॉल से जुड़े। मिलन का स्थान बना रायबरेली का ‘सफायर रेस्टोरेंट’, जहां एक बार फिर वही ठहाके गूंजे, वही पुरानी शरारतें दोहराई गईं। बातचीत शुरू हुई स्कूल के टिफिन शेयर करने से लेकर गुल्ली-डंडा, साइकिल की ट्रिपलिंग और क्लास में की गई मस्ती तक—हर लम्हा जैसे फिर से जी लिया गया।

इस मिलन की शुरुआत एक दोस्त के भावुक फोन कॉल से हुई थी। उस कॉल ने दुनिया भर में फैले बैचमेट्स को फिर से एक डोर में बांध दिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि वक्त चाहे जितना भी बीत जाए, स्कूल के दोस्त और उनकी यादें कभी फीकी नहीं पड़तीं।

पुराने साथियों के साथ फिर से बच्चा बना मन

समारोह में प्रमुख रूप से मनोज कुमार सिंह, ऋषिराज त्रिपाठी, अनूप श्रीवास्तव, अमरेंद्र सिंह, विवेक श्रीवास्तव, अमित बाजपेयी, संतोष त्रिपाठी, सैयद अख्तर अली, मनीष श्रीवास्तव, दीपक शर्मा, राम, मुकुंद वर्मा, राघवेंद्र सिंह, आदेश निगम, संजय कामथर, अनिल यादव, प्रमोद श्रीवास्तव, उदय प्रताप सिंह, विमलेश सिंह, मयंक मणि पांडे, योगेश भाई, अक्षय श्रीवास्तव, नीलेश अग्रवाल, चन्द्र भाल, शिव शंकर, प्रमोद श्रीवास्तव, कमल जीवानी, पंकज मुरारका, विश्वकांत, सुनील निगम, ओदश श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार शुक्ला, संजय सिंह, राकेश शुक्ल, हरि नारायण, मधुर शर्मा, विजय मिश्रा, सुशील द्विवेदी, संजय अग्निहोत्री, विवेक सहाय, मनोज श्रीवास्तव समेत दर्जनों पूर्व छात्र मौजूद रहे।

 

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