देहरादून में छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले में बोले राहुल- BJP राज में नफरत सामान्य

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला अब गंभीर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने इसे नफरती अपराध करार देते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी ने की घटना की कड़ी निंदा

राहुल गांधी ने एंजेल चकमा की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अचानक नहीं होतीं, बल्कि नफरत को लंबे समय तक बढ़ावा दिए जाने का नतीजा होती हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने नफरत को सामान्य बना दिया है, जिससे समाज में हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह भयानक नफरत का अपराध है। उन्होंने कहा कि वर्षों से नफरत को जहरीले कंटेंट और गैर-जिम्मेदार कहानियों के जरिए फैलाया जा रहा है, खासकर युवाओं के बीच। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सम्मान, एकता, प्यार और विविधता का देश है, न कि डर और गाली-गलौज का। राहुल गांधी ने चकमा परिवार, त्रिपुरा और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के प्रति संवेदना भी जताई।

कपिल सिब्बल ने अमित शाह से की अपील

राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नफरत भरे अपराधों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की। कपिल सिब्बल ने एक्स पर लिखा कि एंजेल चकमा की हत्या नफरत, कट्टरता और सरकार में बैठे नेताओं की चुप्पी का चौंकाने वाला उदाहरण है, जो अपनी निष्क्रियता से इसमें शामिल नजर आते हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार यह घटना 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई बाजार में हुई थी। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के रहने वाले एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। इसी दौरान आरोपियों ने उन पर चाकू और पीतल के नकल से हमला कर दिया। इस हमले में 24 वर्षीय एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पिता ने लगाया आरोप

एंजेल चकमा के पिता तरुण चकमा, जो सीमा सुरक्षा बल में तैनात हैं, ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके बेटे को ‘चीनी मोमो’ कहकर नस्लीय गालियां दीं। उन्होंने बताया कि जब एंजेल ने यह कहा कि वह भी भारतीय है, तो उस पर हमला किया गया। हालांकि पुलिस ने इस मामले में नस्लीय हमले के एंगल से इनकार किया है। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह का कहना है कि आरोपियों में से एक स्वयं मणिपुर का रहने वाला है।

पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी यज्ञराज अवस्थी, जो नेपाल का रहने वाला बताया जा रहा है, फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की है और उन्हें आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिला है।

 

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