भारत का रक्षा निर्यात 35 गुना बढ़ा, राजनाथ सिंह ने बताया कैसे बन रहे हैं आत्मनिर्भर

Sandesh Wahak Digital Desk: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात लगभग 35 गुना बढ़ गया है। उन्होंने वर्ल्ड लीडर्स फोरम में कहा कि 2013-14 में जो निर्यात 686 करोड़ रुपये था, वह 2024-25 में बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये हो गया है। अब भारत लगभग 100 देशों को अपने रक्षा उत्पाद बेच रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य इस साल 30,000 करोड़ रुपये और 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात हासिल करना है। राजनाथ सिंह ने बताया कि सिर्फ निर्यात ही नहीं, बल्कि घरेलू रक्षा उत्पादन भी तेज़ी से बढ़ा है। 2014 में यह 40,000 करोड़ रुपये था, जो अब तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल यह आँकड़ा 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का हमारा मतलब सिर्फ आयात कम करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा मजबूत माहौल बनाना है जहाँ भारतीय कंपनियाँ, चाहे वे सरकारी हों या प्राइवेट, विश्वस्तरीय क्षमता विकसित कर सकें। उनका लक्ष्य भारत को सिर्फ अपनी ज़रूरतें पूरी करने वाला नहीं, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा उत्पादों का वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाना है।

इस दिशा में सरकार ने उठाए हैं कई बड़े कदम

स्वदेशीकरण सूची: 509 प्लेटफॉर्म, सिस्टम और हथियारों की पाँच सूचियाँ जारी की गई हैं, जिनका अब भारत में ही निर्माण होगा।

बजट का 75% स्वदेशी कंपनियों के लिए: सरकार ने रक्षा खरीद के लिए आवंटित बजट का 75 प्रतिशत हिस्सा भारतीय कंपनियों के लिए आरक्षित कर दिया है।

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