जब डॉक्टर के हाथ में पर्चे की जगह RDX हो, तो समझो विवेक की कमी है: राजनाथ सिंह
Sandesh Wahak Digital Desk: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था और समाज की दिशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री लेना काफी नहीं है, क्योंकि बिना संस्कार और नैतिकता के मिली शिक्षा समाज के लिए विनाशकारी साबित हो रही है।
दिल्ली धमाकों की ओर इशारा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, यह कितनी बड़ी विडंबना है कि जो डॉक्टर पर्चे पर ‘आरएक्स’ (Rx) लिखकर जीवन बचाते हैं, उनके हाथ में आज ‘आरडीएक्स’ (RDX) दिख रहा है। उन्होंने इसे ‘व्हाइट कॉलर टेररिज्म’ (सफेदपोश आतंकवाद) करार दिया, जहाँ उच्च शिक्षित लोग अपनी बुद्धि का इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण के बजाय समाज को नुकसान पहुँचाने में कर रहे हैं।
शिक्षा के साथ संस्कार और विवेक जरूरी
राजनाथ सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान और सूचना की आज कमी नहीं है, लेकिन ‘विवेक’ की भारी कमी है। उनके संबोधन की मुख्य बातें…
ज्ञान बनाम विनाश: जिसके पास ज्ञान है पर विवेक नहीं, वह समाज के लिए घातक है। शिक्षित लोग आतंकवादी बन रहे हैं क्योंकि उनमें धर्मबोध और चरित्र की कमी है।
नैतिकता विहीन शिक्षा: धर्म और नैतिकता के बिना दी गई शिक्षा समाज के लिए उपयोगी नहीं, बल्कि जहरीली हो सकती है।
सच्चा सुख: विद्या से विनय, योग्यता और अंततः धर्मबोध आता है, जिससे सच्चा सुख मिलता है।
Speaking at the 104th Foundation Day event of Bhupal Nobles' University, Udaipur. https://t.co/JXjgagumdG
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) January 2, 2026
भारत बन रहा है नॉलेज इकोनॉमी
रक्षा मंत्री ने देश की प्रगति का खाका पेश करते हुए बताया कि भारत तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साल 2014 में ‘ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स’ में भारत 76वें स्थान पर था, जो 2024 में सुधरकर 39वें पायदान पर आ गया है। भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले 15-20 साल में भारत हथियारों के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा।
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