राज्यसभा में गूंजा LPG संकट का मुद्दा, मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूछा- जब जनता परेशान है तो सरकार चुप क्यों

Sandesh Wahak Digital Desk: देश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत और आपूर्ति में आ रही बाधाओं ने संसद के उच्च सदन, राज्यसभा में गर्मागर्मी बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालातों के बीच एलपीजी की कीमतों में स्थिरता और उसकी उपलब्धता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, गैस संकट की सबसे ज्यादा मार आम आदमी, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और छोटे रेस्टोरेंट मालिकों पर पड़ रही है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार लोकसभा में कह रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन असलियत में लोग दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए।

जेपी नड्डा का करारा पलटवार

केंद्रीय मंत्री और सदन के नेता जेपी नड्डा ने खड़गे के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके एक नेता खुद सिलेंडर की जमाखोरी करते हुए पकड़े गए हैं। ऐसे में विपक्ष सिर्फ लोगों को भड़काने का काम कर रहा है। नड्डा ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति में आई बाधा भारत की वजह से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों (पश्चिम एशिया तनाव) के कारण है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि संकट के समय भी कांग्रेस राजनीति कर रही है।

नियमों पर भी हुई बहस

बहस के दौरान जेपी नड्डा ने राज्यसभा की कार्यवाही के नियमों की याद दिलाते हुए कहा कि शून्यकाल में हर सदस्य को अपनी बात 3 मिनट में खत्म करनी होती है। उन्होंने कहा कि यह नियम सभी के लिए समान है और खड़गे को भी इसका पालन करना चाहिए।

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