CM योगी के विकास मॉडल की ‘रेखा’, भदोही की रेखा देवी बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और राज्य सरकार के प्रयासों से अब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की नई मिसालें देखने को मिल रही हैं। भदोही जिले के जगदीपुर गांव की 29 वर्षीय रेखा देवी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण हैं। कभी सिलाई करके घर के खर्च में मदद करने वाली रेखा देवी, आज “प्रियल” नाम से अपना डिटर्जेंट पाउडर ब्रांड सफलतापूर्वक चला रही हैं।

स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार की जनउपयोगी योजनाओं के माध्यम से लोग व्यवसाय स्थापित कर स्वयं के साथ ही अन्य लोगों का भी जीवन बेहतर बना रहे हैं।

बी.ए. तक पढ़ी रेखा देवी के पति ट्यूशन पढ़ाते हैं और तीन छोटे बच्चे हैं। बढ़ती पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ‘जय हनुमान SHG’ (स्वयं सहायता समूह) से जुड़कर कदम बढ़ाया। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (R-SETI) और परियोजना टीम के माध्यम से उन्हें डिटर्जेंट पाउडर उत्पादन का विचार मिला।

मूल्यांकन के बाद, परियोजना टीम ने उन्हें “रंग दे एमएफआई” योजना के तहत ₹80,000 का ऋण उपलब्ध कराया। रेखा ने इसमें ₹20,000 अपनी तरफ से मिलाकर मशीनें खरीदीं, कच्चा माल लिया और पैकेजिंग के साथ “प्रियल” ब्रांड की शुरुआत की। इस व्यवसाय के कारण, रेखा देवी की मासिक आय एक साल के भीतर ₹4,000 रुपये से बढ़कर ₹10,000 रुपये प्रतिमाह हो गई है।

सकारात्मक प्रभाव और भविष्य की योजना

रेखा देवी की इस सफलता का असर उनके पूरे परिवार और गांव पर पड़ रहा है। उन्होंने सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति ही नहीं सुधारी, बल्कि परिवार के हर सदस्य को काम से जोड़ा। आज वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से वित्तीय लेन-देन खुद संभालती हैं। अब उनके तीनों बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। वह डिटर्जेंट उत्पादन के माध्यम से गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। रेखा भविष्य में टॉयलेट क्लीनर और अन्य उत्पाद भी बनाना शुरू करना चाहती हैं।

रेखा देवी की सफलता यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग और मेहनत मिल जाए तो गांव की महिलाएं भी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ी हो सकती हैं। यह योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं की सार्थकता का प्रमाण है।

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