गणतंत्र दिवस 2026: डीजीपी राजीव कृष्ण ने फहराया तिरंगा, बोले- नागरिकों का सम्मान ही हमारी प्राथमिकता
Sandesh Wahak Digital Desk: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने लखनऊ स्थित अपने कैंप कार्यालय और पुलिस मुख्यालय (गोमती नगर विस्तार) में ध्वजारोहण किया। तिरंगा फहराने के बाद उन्होंने पुलिस बल को संविधान की शपथ दिलाई और एक ‘सुरक्षित व समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराया।

‘रूल ऑफ लॉ’ का मतलब- समान सुरक्षा, समान सुनवाई
डीजीपी ने अपने संबोधन में ‘रूल ऑफ लॉ’ (कानून के शासन) को पुलिसिंग की आत्मा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई व्यक्ति को देखकर नहीं, बल्कि तथ्यों और कानून के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस का हर निर्णय निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत होना चाहिए ताकि हर नागरिक सुरक्षित महसूस करे। थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार, उनकी शिकायतों की समयबद्ध सुनवाई और त्वरित निस्तारण पुलिस के प्रति जनता के भरोसे को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अब पुलिस की कार्य-संस्कृति बन चुकी है।
महिला सुरक्षा और डिजिटल आजादी पर जोर
डीजीपी ने ‘मिशन शक्ति’ को और प्रभावी बनाने की बात कही, ताकि महिलाओं को त्वरित और संवेदनशील सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा आज की बड़ी जरूरत है। प्रशिक्षित ‘साइबर हेल्प डेस्क’ के जरिए अब पीड़ितों को त्वरित मार्गदर्शन और तकनीक-आधारित जांच की सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में 18 फॉरेंसिक लैब की स्थापना और लखनऊ स्थित UPSIFS संस्थान के जरिए अब विवेचना (Investigation) की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है।

60,000 नए सिपाहियों की खास ट्रेनिंग
पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने के लिए डीजीपी ने बताया कि भर्ती हुए 60,000 नए कॉन्स्टेबलों को ‘हाइब्रिड मोड’ पर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग का फोकस केवल कानून पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें नागरिक-मित्र व्यवहार, ड्यूटी एथिक्स और आपातकालीन प्रतिक्रिया में एक्सपर्ट बनाना है।

वीर जवानों को सम्मान: पदकों की हुई बौछार
गणतंत्र दिवस पर यूपी पुलिस के जांबाजों को उनके शौर्य और सेवा के लिए बड़ी संख्या में पदकों से नवाजा गया।
18 वीरता पदक (भारत सरकार द्वारा)
04 विशिष्ट सेवा पदक और 68 सराहनीय सेवा पदक
मुख्यमंत्री वीरता पदक: 10 पुलिसकर्मियों को मिला।
मुख्यमंत्री प्रशस्ति-पत्र: 25 पुलिसकर्मियों को प्रदान किया गया।
मुख्यालय स्तर पर डीजीपी ने स्वयं कई अधिकारियों को अलंकृत किया, जिनमें एसपी (स्थापना) अमृता मिश्रा (प्लेटिनम प्रशंसा चिन्ह) और डीआईजी मो. इमरान (गोल्ड प्रशंसा चिन्ह) जैसे नाम शामिल रहे।
Also Read: ‘भारत को सोने की चिड़िया बनाने के विज्ञापन तो खूब…’, गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव ने क्यों कही ये बात?

