Lucknow News: रिटायर्ड DGM से 47 लाख की ऑनलाइन ठगी, CBI अधिकारी बन डिजिटल अरेस्ट कर की कोर्ट की फेक हियरिंग
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला और हाई-टेक मामला सामने आया है। यहाँ उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के रिटायर्ड डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) के साथ ठगों ने खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अधिकारी बताकर 47 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की है। ठगों ने पीड़ित को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर कोर्ट की नकली सुनवाई (फेक हियरिंग) भी कराई। ठगी का शिकार आलमबाग के श्रृंगार नगर निवासी 80 वर्षीय ओमप्रकाश नारायण मिश्रा है।
ओमप्रकाश नारायण मिश्रा ने बताया कि 11 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से वॉट्सऐप पर ऑडियो कॉल आया। कॉलर ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और धमकाया कि आपके आधार नंबर से बैंक खाता खोला गया है, जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। कुछ ही देर में उनके वॉट्सऐप पर अरेस्ट वारंट की कॉपी भेज दी गई, जिसे देखकर ओमप्रकाश घबरा गए। इसके बाद ठग ने उन्हें वीडियो कॉल पर आने का दबाव बनाया और कहा कि केस मुंबई हाईकोर्ट में चलेगा।
वर्दी में दिखा युवक, कोर्ट की फेक हियरिंग
वीडियो कॉल रिसीव करने पर ओमप्रकाश ने देखा कि पुलिस स्टेशन में वर्दी पहने एक युवक बैठा है। उसने धमकी देते हुए कहा कि अगर पूछताछ में सहयोग नहीं किया, तो परिवार समेत जेल भेज देंगे। डर के मारे ओमप्रकाश ने उसकी बात मान ली और एक कमरे में चले गए, जहाँ उन्हें डिजिटल अरेस्ट में रखा गया।
11 और 12 नवंबर तक ठगों ने उनसे पूछताछ की। इसके बाद कॉल को एक ऐसे व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जो जज की ड्रेस में कोर्ट रूम में बैठा दिखा। उसने कोर्ट हियरिंग की बात कहते हुए कहा, मुझे पता है आप दोषी नहीं हैं, लेकिन असली आरोपी पकड़ने में मदद करने के लिए आपने अकाउंट के 47 लाख रुपए हमें ट्रांसफर करो। जाँच के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा। ठगों के जाल में फँसकर ओमप्रकाश ने बताए गए बैंक खाते में 47 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसा मिलते ही ठगों ने कॉल काट दी और नंबर बंद कर लिया।
बेटे की तत्परता से 25 लाख रुपये फ्रीज
परेशान ओमप्रकाश को देखकर उनके बेटे ने पूरी घटना सुनी और तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज की गई है। राहत की खबर यह है कि साइबर सेल की तत्परता के चलते 25 लाख रुपये की राशि फ्रीज करने में सफलता मिली है।

