यूपी में NEET काउंसलिंग में धांधली, फर्जी सर्टिफिकेट से 71 छात्रों ने पाई मेडिकल सीट, अब होगी FIR
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में NEET UG 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर 79 छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में सीटें हासिल कर लीं, जिनमें से 71 ने तो दाखिला भी ले लिया था। मामला सामने आने के बाद इन सभी छात्रों का दाखिला रद्द कर दिया गया है। इन छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में पहले चरण की काउंसलिंग में 4442 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया शुरू हुई थी। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित श्रेणी के तहत 2% क्षैतिज आरक्षण है, जिसके लिए 88 सीटें आरक्षित थीं। 79 सीटें आवंटित की गईं, जिनमें से 71 पर छात्रों ने प्रवेश ले लिया।
फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब फिरोजाबाद के एक मेडिकल कॉलेज में एक छात्र का प्रमाण पत्र संदिग्ध पाया गया। जांच के लिए इसे आगरा के जिलाधिकारी के पास भेजा गया, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे फर्जी बताया। इसके बाद, इस श्रेणी में दाखिला लेने वाले सभी छात्रों के प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। कई जिलों के जिलाधिकारियों से मिली रिपोर्ट में 64 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इस खुलासे के बाद काउंसलिंग बोर्ड ने तत्काल बैठक कर सभी 71 छात्रों का प्रवेश रद्द कर दिया।
काउंसलिंग बोर्ड ने यह भी फैसला लिया है कि भविष्य में होने वाली काउंसलिंग में भी इस श्रेणी के सभी प्रमाण पत्रों का सत्यापन जिलाधिकारी द्वारा कराया जाएगा। अगर किसी का भी प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है, तो उसे आगे की सभी काउंसलिंग से बाहर कर दिया जाएगा।
यह फर्जीवाड़ा तब सामने आया है जब दाखिला प्रक्रिया में प्रमाण पत्रों की जांच के लिए कई स्तर बनाए गए हैं, जिसमें ऑनलाइन आवेदन के बाद 11 नोडल केंद्रों और फिर आवंटित कॉलेज में भी जांच की व्यवस्था है।
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