रोहित शर्मा के लिए चुनौती बना ब्रोंको टेस्ट, फिटनेस में फेल हुए तो BCCI को लेना पड़ सकता है बड़ा फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: टीम इंडिया के वनडे कप्तान रोहित शर्मा इन दिनों मैदान से बाहर हैं और उनकी वापसी को लेकर फैंस उत्सुक हैं। संभावना है कि वे अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज से टीम में वापसी करें।
लेकिन इस वापसी से पहले रोहित को एक कड़ी फिटनेस चुनौती का सामना करना होगा — बीसीसीआई का नया ब्रोंको टेस्ट।
क्या है ब्रोंको टेस्ट?
बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की स्टैमिना और एंड्योरेंस जांचने के लिए हाल ही में ब्रोंको टेस्ट को फिटनेस पैरामीटर में शामिल किया है। यह टेस्ट अब यो-यो टेस्ट की तरह जरूरी कर दिया गया है।

ब्रोंको टेस्ट में खिलाड़ी को 20, 40 और 60 मीटर की दूरी पर रखे मार्कर्स के बीच लगातार पांच बार दौड़ना होता है।
कुल मिलाकर यह 1200 मीटर की दौड़ होती है जिसे 6 मिनट से कम समय में पूरा करना होता है। यह टेस्ट किसी भी ब्रेक के बिना करना अनिवार्य होता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित शर्मा को 13 सितंबर को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में यह टेस्ट देना है। इस टेस्ट का प्रदर्शन उनकी आगामी सीरीज में वापसी का रास्ता तय करेगा।
अगर रोहित ब्रोंको टेस्ट पास नहीं कर पाए तो?
अगर रोहित शर्मा इस टेस्ट में फेल हो जाते हैं तो बीसीसीआई और टीम चयन समिति के सामने बड़ी दुविधा खड़ी हो सकती है। ऐसे में उनकी ऑस्ट्रेलिया सीरीज में वापसी पर सस्पेंस बन सकता है।
सूत्रों के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
गंभीर ने हाल ही में साफ किया था कि प्रदर्शन के साथ फिटनेस में भी कोई समझौता नहीं होगा।
क्या 2027 वर्ल्ड कप पर असर पड़ेगा?
यदि रोहित की फिटनेस लगातार सवालों में रही तो इसका असर सिर्फ एक सीरीज पर नहीं, बल्कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप में उनकी संभावित भूमिका पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में ब्रोंको टेस्ट उनके करियर के अगले पड़ाव के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

