बिहार में NDA की सीटों पर रार, नीतीश ने बिना सहमति के किया उम्मीदवार का ऐलान
Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) (जेडीयू) के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कदम ने गठबंधन में असहजता पैदा कर दी है। हाल ही में बक्सर दौरे पर उन्होंने गठबंधन के सहयोगियों से बिना राय-मशवरा किए ही राजपुर सुरक्षित सीट से पूर्व मंत्री संतोष निराला को अगला उम्मीदवार घोषित कर दिया।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एनडीए के भीतर कौन सी पार्टी कितनी सीटों पर लड़ेगी, यह अभी तक तय नहीं हुआ है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि जेडीयू बिहार में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रहेगा और बीजेपी से कम से कम एक सीट ज़्यादा पर चुनाव लड़ेगा। एक संभावित समीकरण के अनुसार, जेडीयू और बीजेपी 102-102 सीटों पर, जबकि चिराग पासवान की पार्टी 20 और जीतन राम मांझी व उपेंद्र कुशवाहा की पार्टियां 10-10 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, यह अभी सिर्फ एक अनुमान है, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं।
संतोष निराला के नाम का हुआ ऐलान
नीतीश कुमार ने जब संतोष निराला के नाम का ऐलान किया, तब मंच पर बिहार के उप-मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि चौधरी इस घोषणा को चुपचाप सुनने के लिए मजबूर थे।
संतोष निराला 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी से हार गए थे। एक हारे हुए उम्मीदवार को फिर से मैदान में उतारने का यह फैसला करके नीतीश कुमार ने साफ संकेत दिया है कि सीट बंटवारे में उनकी ही चलेगी। नीतीश के इस कदम से न केवल बीजेपी में बेचैनी बढ़ी है, बल्कि विपक्ष पर भी अपनी रणनीति खोलने का दबाव बढ़ गया है। उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के बाद बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर जल्द ही कोई अंतिम फैसला सामने आ सकता है।
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