बिछड़े बच्चों के लिए ‘फरिश्ता’ बनी लखनऊ RPF, इंस्पेक्टर चन्दना सिन्हा को मिला रेल सेवा पुरस्कार
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय रेलवे की पटरियां केवल यात्रियों को मंजिल तक ही नहीं पहुंचातीं, बल्कि गुमशुदा और खतरे में पड़े बच्चों के लिए जीवनदान भी बन रही हैं। लखनऊ मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की एक जांबाज टीम ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के जरिए मासूमों की जिंदगी में उजाला भरने का अद्भुत काम किया है।

रेलवे स्टेशनों की भीड़भाड़ और ट्रेनों के शोर के बीच कई बार मासूम बच्चे अपनों से बिछड़ जाते हैं या फिर मानव तस्करी (Human Trafficking) करने वाले गिरोहों के चंगुल में फंस जाते हैं। ऐसे बच्चों के लिए लखनऊ मंडल की आरपीएफ टीम किसी फरिश्ते से कम साबित नहीं हुई है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त देवांश शुक्ला के मार्गदर्शन में निरीक्षक चन्दना सिन्हा और उनकी टीम ने चाइल्ड रेस्क्यू के क्षेत्र में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है।

आंकड़ों में सेवा और समर्पण की कहानी
आरपीएफ की महानिदेशक सोनाली मिश्रा के निर्देशों पर गठित इस टीम ने पिछले दो वर्षों में जो काम किया, वह देशभर के लिए मिसाल है।
वर्ष 2024: सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र की मदद से 494 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। साथ ही मानव तस्करी के 3 बड़े मामलों का खुलासा कर 40 बच्चों को बचाया और 4 अपराधियों को जेल भेजा।
वर्ष 2025: टीम की सक्रियता और बढ़ी और इस साल 1032 बच्चों की घर वापसी सुनिश्चित की गई। इसके अलावा ट्रैफिकिंग के मामलों में 36 बच्चे सुरक्षित बचाए गए और 8 आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई।
कैसे काम करती है यह टीम?
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के साथ हुए समझौते के बाद से आरपीएफ इस मिशन में और अधिक पेशेवर तरीके से जुटी है। इंस्पेक्टर चन्दना सिन्हा की टीम संदिग्ध दिखने वाले बच्चों और व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखती है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से ‘बाल कल्याण समिति’ (CWC) के सामने पेश किया जाता है, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम या उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया जाता है।

सर्वोच्च सम्मान से नवाजी गईं चन्दना सिन्हा
बच्चों की सुरक्षा के प्रति अटूट समर्पण और बेहतरीन कार्यकुशलता के लिए निरीक्षक चन्दना सिन्हा को रेलवे के सर्वोच्च पुरस्कारों में से एक ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके साथ-साथ पूरी टीम के कठिन परिश्रम और मानवीय दृष्टिकोण की जीत है।
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