साइना नेहवाल ने नम आंखों से खेल को कहा गुडबाय, बोलीं- शरीर अब साथ नहीं दे रहा

Sandesh Wahak Digital Desk: भारत में बैडमिंटन को घर-घर तक पहुँचाने वाली और लाखों युवाओं की प्रेरणा, साइना नेहवाल ने आधिकारिक रूप से पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास का ऐलान कर दिया है। लंदन ओलंपिक की पदक विजेता साइना पिछले काफी समय से घुटने की गंभीर चोट और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि अब उनका शरीर उस कठिन ट्रेनिंग और एलीट लेवल की प्रतिस्पर्धा को झेलने की स्थिति में नहीं रहा।

एक पॉडकास्ट के दौरान अपने दिल की बात साझा करते हुए साइना ने बताया कि उन्होंने वास्तव में दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। साइना ने कहा, मुझे लगा कि मैंने अपने दम पर इस खेल में कदम रखा था और बाहर निकलने का फैसला भी मेरा ही होना चाहिए। मुझे अलग से किसी बड़े ऐलान की जरूरत महसूस नहीं हुई, क्योंकि मेरा मन पहले ही तैयार हो चुका था।

आर्थराइटिस बना खेल में बाधा

साइना ने अपनी शारीरिक स्थिति का दर्द बयां करते हुए बताया कि उनके घुटने की कार्टिलेज (Cartilage) पूरी तरह घिस चुकी है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है। इस वजह से घंटों तक कोर्ट पर पसीना बहाना और तेज दौड़-भाग करना उनके लिए नामुमकिन हो गया था। उन्होंने भारी मन से अपने माता-पिता और कोच को साफ कह दिया था कि अब सफर को यहीं विराम देना होगा।

उपलब्धियों से भरा शानदार करियर

साइना नेहवाल सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय खेलों का एक बड़ा अध्याय हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों पर एक नजर।

लंदन ओलंपिक (2012): बैडमिंटन में भारत के लिए पहला ओलंपिक पदक (कांस्य) जीतकर इतिहास रचा।

विश्व रैंकिंग: वे दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने वाली पहली भारतीय महिला शटलर रहीं।

कॉमनवेल्थ गेम्स (2018): गोल्ड मेडल जीतकर देश का सीना गर्व से चौड़ा किया।

विश्व चैंपियनशिप (2017): कांस्य पदक अपने नाम किया।

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