यूपी के विधायकों और मंत्रियों की बढ़ी सैलरी, विधानसभा में विधेयक पास

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में विधानसभा और विधान परिषद के सदस्यों (विधायकों) और मंत्रियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बढ़ोतरी के बाद विधायकों को हर महीने सीधे तौर पर ₹67,750 और मंत्रियों को ₹77,750 का फायदा होगा। गुरुवार को मानसून सत्र के आखिरी दिन संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने इससे जुड़ा विधेयक पेश किया, जिसे सभी दलों ने मिलकर पास कर दिया।

9 साल बाद हुआ वेतन में बदलाव

सुरेश खन्ना ने सदन में बताया कि विधायकों और मंत्रियों का वेतन आखिरी बार अगस्त 2016 में बढ़ाया गया था। सभी दलों की मांग पर एक कमेटी बनाई गई थी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर यह बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी।

मुख्य बदलाव:

मंत्रियों का वेतन: ₹40,000 से बढ़ाकर ₹50,000 प्रति माह किया गया।

विधायकों का वेतन: ₹25,000 से बढ़ाकर ₹35,000 प्रति माह किया गया।

पेंशन: विधान परिषद के पूर्व सदस्यों को 6 साल पूरा करने पर हर महीने ₹2,000 की अतिरिक्त पेंशन मिलेगी।

पारिवारिक पेंशन: इसे ₹25,000 से बढ़ाकर ₹30,000 किया गया है।

पूर्व विधायकों के लिए भत्ता: पूर्व विधायकों के लिए रेलवे कूपन की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.5 लाख प्रति वर्ष कर दी गई है। इसमें ₹50,000 रेल और हवाई यात्रा के लिए और ₹1 लाख पेट्रोल-डीजल के लिए नकद मिलेंगे। सरकार पर इस बढ़ोतरी से सालाना ₹105 करोड़ 63 लाख का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

अब विधायकों को हर महीने मिलेंगे ये भत्ते

  • वेतन: ₹35,000
  • निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: ₹75,000
  • जनसेवा दैनिक भत्ता: ₹2,000
  • सचिव भत्ता: ₹30,000
  • चिकित्सीय भत्ता: ₹45,000
  • दैनिक सत्र भत्ता: ₹2,500
  • टेलीफोन भत्ता: ₹9,000

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