यूपी में कानून का इकबाल खत्म, सरकार को ही ‘लापता’ लिस्ट में डाल देना चाहिए: अखिलेश यादव

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हत्या, लूट, बलात्कार और अपहरण जैसी घटनाएं अब आम बात हो गई हैं। अखिलेश के मुताबिक, कानून व्यवस्था पर सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीनी हकीकत में ‘जीरो’ साबित हो रहे हैं।

“राजधानी से हाथरस तक खौफ का माहौल”

अखिलेश यादव ने हाल की कुछ घटनाओं को गिनाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने हाथरस हत्याकांड पर दुख जताते हुए कहा कि एनएच 93 पर बदमाशों ने सेना के एक जवान, अखिलेश चौधरी को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दिया। जब देश का जवान सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने कहा कि राजधानी के सरोजिनी नगर में थार सवार बदमाशों द्वारा युवक को अगवा कर लूटने और गोमती नगर में महिला से पर्स छीनने की घटनाओं ने पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

‘लाखों लोग गायब, ढूंढने वाला कोई नहीं’

सपा अध्यक्ष ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में यूपी से 1,08,300 लोग गायब हो चुके हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जिस प्रदेश में एक एसपी फरार हो जाए और निवेश के नाम पर एडवांस लेने वाला आईएएस गायब हो जाए, वहां आम इंसान को कौन ढूंढेगा? ऐसी सरकार को भी अब लापता की लिस्ट में डाल देना चाहिए।”

सुरक्षा अब ‘भगवान भरोसे’

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास केवल झूठे आंकड़े और लफ्फाजी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ अपराध में देश में टॉप पर है। दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अब पूरी तरह भगवान भरोसे है क्योंकि पूरा शासन तंत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।

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