‘यह अंधेर नगरी और चौपट आयोग है’, अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला

Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में नाम काटने और बढ़ाने के विवाद को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह की कार्यप्रणाली दिख रही है, उसे देखकर अब यही कहना बाकी रह गया है कि चुनाव आयोग अपना झंडा भी भाजपाइयों के घर पर लगा दे।

भाजपा ने क्या आयोग को संविदा पर रख लिया है?

अखिलेश यादव ने बेहद तल्ख तेवर अपनाते हुए सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग ने भाजपा को अपना काम ठेके पर दे दिया है या फिर भाजपा ने चुनाव आयोग को ही ‘संविदा’ (कॉन्ट्रैक्ट) पर रख लिया है? उन्होंने कहा कि अब बस यही कसर बाकी है कि आयोग भाजपाइयों के घरों को ही ‘पोलिंग बूथ’ बना दे और भाजपा कार्यकर्ताओं को ‘पीठासीन अधिकारी’ नियुक्त कर दे।

संवैधानिक संस्थाओं की चुप्पी पर उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा  अब तो प्रशासनिक शब्दकोश में ‘चुनाव आयोग’ के आगे ‘भाजपा’ को उसका पर्यायवाची लिख देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राज में सरेआम वोट काटने और फर्जी तरीके से बढ़ाने का अपराध हो रहा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाएं अपनी आंखें मूंदे बैठी हैं।

भाजपाइयों को भी दी चेतावनी

अखिलेश यादव ने अपनी बात खत्म करते हुए सत्ता पक्ष के लोगों को भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि “आज जो लोग जनता के वोट छीन रहे हैं, कल वे जनता से उनका सब कुछ छीन लेंगे और इसमें भाजपा के लोग भी शामिल होंगे, कोई बचेगा नहीं।” उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना “अंधेर नगरी, चौपट आयोग” से करते हुए कहा कि ठगों का रिश्ता सिर्फ ठगी से होता है, किसी और से नहीं।

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब समाजवादी पार्टी लगातार चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर वोटर लिस्ट में धांधली के आरोप लगा रही है।

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