UP को ‘संत-राजा’ का नेतृत्व, सतीश महाना बोले- योगी ने UP को बनाया निवेश, रोजगार का मॉडल राज्य
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में हुए समग्र परिवर्तन और विकास यात्रा को दर्शाने वाली पुस्तक ‘गतिमान उत्तर प्रदेश: योगी सरकार के बेमिसाल आठ साल’ का लोकार्पण राजधानी लखनऊ के विश्वेश्वरैया सभागार में मंगलवार (16 दिसंबर) को किया गया।
इस लोकार्पण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में और महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथियों का उद्बोधन
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना (मुख्य अतिथि) ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ऐसे ‘संत-राजा’ के नेतृत्व में सुशासन प्राप्त हो रहा है, जिसने प्रदेश के इतिहास और गौरव को नई पहचान दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व में दया, संस्कृति और संस्कारों के समन्वय का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज निवेश, रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरा है। उन्होंने पुस्तक को शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी कार्यशैली का सशक्त प्रमाण बताया।
मंत्री बेबी रानी मौर्य (विशिष्ट अतिथि) ने कहा कि योगी सरकार ने महिलाओं, बच्चों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए ठोस नीतियों के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण को मजबूती प्रदान की है, जिसका तथ्यपरक चित्रण पुस्तक में किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश ने जो अभूतपूर्व प्रगति की है, उसकी पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि पुस्तक में कानून-व्यवस्था, ई-गवर्नेंस, बुनियादी ढांचे और निवेश के क्षेत्र में हुए क्रांतिकारी परिवर्तनों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
पुस्तक का उद्देश्य और संरचना
लेखक डॉ. शीलवंत सिंह ने बताया कि पुस्तक लिखने का उद्देश्य पिछले आठ वर्षों में ‘गतिमान उत्तर प्रदेश’ की वास्तविक तस्वीर को सरल रूप में आम जनमानस तक पहुंचाना है। पुस्तक में कृषि, उद्योग, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, और रोजगार सृजन के नवाचारी प्रयासों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और किसानों की बदली हुई दिशा और दशा को प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक पांच खंडों में विभाजित है, जिसमें 22 विषय शामिल हैं। महाकुंभ 2025, ओडीओपी योजना, फिल्म सिटी परियोजना, ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य और अयोध्या-काशी का सांस्कृतिक उत्थान जैसे विषय इसके प्रमुख आकर्षण हैं। कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक, प्रशासनिक और साहित्य जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
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