सऊदी अरब ने यमन में संयुक्त अरब अमीरात के सहयोगी विद्रोहियों पर किया हमला, आमने-सामने आए पुराने सहयोगी
Sandesh Wahak Digital Desk: वैश्विक संघर्षों के बीच मध्य पूर्व से एक और बड़ी सैन्य हलचल की खबर आ रही है। यमन के शक्तिशाली अलगाववादी गुट ‘सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल’ (STC) ने शुक्रवार को सऊदी अरब पर अपनी सेना के ठिकानों पर हवाई हमले (Airstrike) करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह घटना यमन के हदरमौत क्षेत्र की बताई जा रही है।
चेतावनी के बाद भड़की सैन्य कार्रवाई
यह कथित हमला उस वक्त हुआ है, जब महज एक दिन पहले सऊदी अरब ने अलगाववादियों को चेतावनी दी थी कि वे हाल ही में कब्जे में लिए गए इलाकों (गवर्नरेट्स) से पीछे हट जाएं। सऊदी अरब ने अलगाववादियों द्वारा हदरमौत और अल-महरा पर किए गए नियंत्रण को “अनावश्यक उकसावा” करार दिया था।
गठबंधन के भीतर आंतरिक टकराव
यमन में चल रहा यह नया विवाद बेहद जटिल है। यह तनाव उन गुटों के बीच बढ़ रहा है जो उत्तर यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक साथ लड़ रहे थे।
एसटीसी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का समर्थन प्राप्त है, जबकि सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का नेतृत्व कर रहा है। इन दोनों के बीच टकराव हूती विरोधी गठबंधन को कमजोर कर सकता है।
अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं
अलगाववादियों के सैटेलाइट चैनल ‘एआईसी’ ने कुछ मोबाइल फुटेज जारी किए हैं, जिनमें सऊदी विमानों द्वारा हमले का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सऊदी अरब के अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और न ही किसी स्वतंत्र स्रोत ने इन हवाई हमलों की पुष्टि की है।

