सऊदी–पाक रक्षा डील से फिर गर्म हुआ खाड़ी का माहौल
Sandesh Wahak Digital Desk: सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए हालिया रक्षा समझौते के बाद अब एक और बड़ी सैन्य डील की तैयारी की खबरों ने खाड़ी क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब पाकिस्तान को दिए गए दो अरब डॉलर के लोन के बदले जेएफ–17 फाइटर जेट खरीद सकता है। बताया जा रहा है कि इस संभावित समझौते की कुल कीमत लगभग चार अरब डॉलर हो सकती है। इस खुलासे के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय रक्षा विशेषज्ञ सऊदी अरब की रणनीतिक मंशा को लेकर सवाल उठाने लगे हैं। सऊदी अरब जहां खाड़ी देशों में अमेरिका का सबसे बड़ा सहयोगी माना जाता है वहीं जेएफ–17 फाइटर जेट पाकिस्तान ने चीनी तकनीक के आधार पर विकसित किया है जिसमें रूस निर्मित इंजन का उपयोग किया गया है। इसी कारण इस डील को लेकर लंबे समय से अटकलों का बाजार गरम रहा है। अब सामने आया है कि सऊदी अरब इन फाइटर जेट को पाकिस्तान से खरीदकर सूडान को देने की योजना बना सकता है।
सूडान संकट में सऊदी की सक्रिय भूमिका
डिफेंस ब्लॉग की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब सूडान की मदद के लिए यह फाइटर जेट खरीद सकता है। सूडान इन दिनों यूएई और इजरायल समर्थित आरएसएफ मिलिशिया के हमलों से जूझ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच इस डील को लेकर सरकार स्तर पर बातचीत चल रही है। पाकिस्तान को सऊदी अरब ने कई बार अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता देकर डिफॉल्ट होने से बचाया है। इजरायल के कतर पर हमले के बाद सऊदी अरब ने परमाणु क्षमता वाले पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता भी किया था जिसने क्षेत्रीय राजनीति में नई दिशा दे दी थी।
सूडान और सऊदी अरब के ऐतिहासिक रिश्ते
सूडान और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध बेहद गहरे माने जाते हैं। इस समय सूडान गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है। सऊदी अरब सूडानी सेना का समर्थन कर रहा है जो आरएसएफ के हमलों से जूझ रही है। आरएसएफ या रैपिड सपोर्ट फोर्स को यूएई का खुला समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2023 में सूडान में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद आरएसएफ ने यूएई की मदद से बड़े इलाके पर कब्जा कर लिया था। सऊदी अरब अब तक सूडानी सेना की प्रभावी मदद नहीं कर पाया है। सूडान के जिन क्षेत्रों में सोने के भंडार हैं वहां भी आरएसएफ का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। फरवरी 2025 में आरएसएफ द्वारा नई सरकार के गठन के ऐलान पर सऊदी अरब ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई थी। इसके बाद सूडानी सेना के नेता जनरल अब्देल फतह अल बुरहान सऊदी अरब पहुंचे थे और उन्होंने सऊदी प्रिंस से मुलाकात की थी।
यूएई की नाराज़गी का खतरा
रिपोर्ट्स के अनुसार अब सऊदी अरब सूडान को जेएफ–17 फाइटर जेट दिलाने में मदद कर रहा है ताकि सूडानी सेना को फिर से मजबूत किया जा सके। फिलहाल इस डील की आधिकारिक पुष्टि न तो सऊदी अरब ने की है और न ही पाकिस्तान ने। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी बताई जा रही है। यदि पाकिस्तान इस समझौते को अंतिम रूप देता है तो इससे यूएई नाराज हो सकता है क्योंकि यूएई बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देता रहा है। इस संभावित डील के चलते खाड़ी की राजनीति में एक बार फिर नई दरारें उभरती दिखाई दे रही हैं।
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