धोखाधड़ी मामले में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Sandesh Wahak Digital Desk: करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों में घिरे बॉलीवुड निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अदालत ने न केवल उन्हें नियमित जमानत दे दी है, बल्कि दोनों पक्षों को यह भी सुझाव दिया है कि वे मध्यस्थता (Mediation) के जरिए इस विवाद को आपस में सुलझाने की कोशिश करें।

7 दिसंबर से जेल में बंद विक्रम भट्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि किसी को जेल में बंद करके उससे पैसे वसूल नहीं किए जा सकते। मानवीय आधार पर उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि जमानत की शर्तें उदयपुर की स्थानीय अदालत ही तय करेगी।

क्या है 30 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला

यह पूरा मामला उदयपुर के बिजनेसमैन और इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया की शिकायत से जुड़ा है। डॉ. मुर्डिया देश भर में आईवीएफ (IVF) सेंटर चलाते हैं। भट्ट दंपत्ति ने डॉ. मुर्डिया को उनकी दिवंगत पत्नी की बायोपिक और तीन अन्य फिल्में बनाने का सपना दिखाया। बायोपिक के नाम पर डॉ. मुर्डिया से 30 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कराया गया और भारी मुनाफे का वादा किया गया।

आरोप है कि कुछ फिल्मों की शूटिंग तो शुरू हुई, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चले गए। जब डॉ. मुर्डिया ने अपने पैसे वापस मांगे, तो भट्ट दंपत्ति टालमटोल करने लगे, जिसके बाद उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा।

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