सेना में भर्ती के नाम पर खेल, युवाओं को लगाता था इंजेक्शन, लखनऊ में STF ने दबोचा शातिर ठग
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी एसटीएफ ने लखनऊ के कैंट इलाके से एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है, जो सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले बेरोजगार युवाओं को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पकड़ा गया अभियुक्त आलोक तिवारी (जो अपनी पहचान बदलकर आकाश कुमार बनकर रह रहा था) मूल रूप से कन्नौज का रहने वाला है।
कैसे बुना था ठगी का जाल?
पूछताछ में इस ठग ने जो खुलासे किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। आलोक अक्सर आर्मी भर्ती सेंटर के आस-पास घूमता रहता था और उन लड़कों पर नजर रखता था जिन्हें मेडिकल टेस्ट में रिजेक्ट कर दिया जाता था।
बताया जा रहा है कि वह लड़कों को मेडिकल टेस्ट पास कराने का झांसा देकर 1 से 1.5 लाख रुपये तक वसूलता था। जिन लड़कों के हाथ कांपते थे, उन्हें टेस्ट से एक घंटे पहले वह ‘ड्युराबोलिन’ (Durabolin) नाम का इंजेक्शन लगा देता था ताकि कुछ देर के लिए कंपकंपी रुक जाए। वह लड़कों की ऑरिजनल मार्कशीट अपने पास रख लेता था ताकि कोई बिना पैसे दिए भाग न सके।
बिना मेहनत की कमाई का तरीका
जालसाज का तरीका बड़ा ही शातिर था। वह 7-8 लड़कों का ग्रुप बनाता था। जो लड़के अपनी काबिलियत से मेडिकल पास कर लेते, वह उनके पैसे हड़प लेता था और दावा करता था कि उसने अपनी ‘सेटिंग’ से पास कराया है। जो पास नहीं हो पाते थे, उनके थोड़े पैसे काटकर वापस कर देता था ताकि कोई पुलिस में शिकायत न करे।
एसटीएफ की टीम ने ऐसे बिछाया जाल
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के निर्देशन में एक टीम गठित की गई थी। मुखबिर से सूचना मिली कि यह ठग उस्मान चौक और सदर के बीच किसी लड़के से ऑरिजनल दस्तावेज लेने आने वाला है। मौके पर तैनात एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
आरोपी के पास से 5 ऑरिजनल मार्कशीट, फर्जी और असली आधार कार्ड, एटीएम कार्ड और नकद रुपये बरामद हुए हैं। लखनऊ के कैंट थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।
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