किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों की मुहिम तेज, जैश कमांडर Saifullah ढेर

Sandesh Wahak Digital Desk: जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर सैफुल्लाह (Saifullah) और उसके दो साथियों के मारे जाने के बाद किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने अपनी मुहिम और तेज कर दी है। हालिया कार्रवाई के बाद जिले में सक्रिय जैश के सभी पाकिस्तानी आतंकी कमांडर मारे जा चुके हैं, जिसे सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पिछले कई महीनों से सुरक्षा बल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे थे और अब इस अभियान को और व्यापक रूप दिया जा रहा है।

अब स्थानीय आतंकियों पर फोकस

सूत्रों के मुताबिक अब जम्मू-कश्मीर पुलिस के निशाने पर हिजबुल मुजाहिदीन के तीन स्थानीय आतंकी कमांडर हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों तीन दशक से अधिक समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं। पुलिस ने इन तीनों पर 10-10 लाख रुपये का नगद इनाम घोषित कर रखा है। कुछ लोगों का मानना है कि क्षेत्र की भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों की इन्हें गहरी समझ है और इनके नेटवर्क पूरे इलाके में फैले हुए हैं, जिसकी वजह से इन्हें पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

इन आतंकियों पर घोषित है इनाम

10-10 लाख रुपये का इनाम जिन आतंकियों पर रखा गया है, उनमें मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी सबसे पुराना सक्रिय आतंकी बताया जा रहा है, जो करीब तीन दशक से इलाके में सक्रिय है। इसके अलावा रियाज अहमद उर्फ हज़ारी और मुदस्सर हुसैन पर भी 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां घाटी से आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रही हैं।

सेना और पुलिस का ऑपरेशन जारी

जम्मू रेंज के आईजी भीम सेन टूटी ने बताया कि फिलहाल इलाके में तीन स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं और उनकी तलाश में पुलिस के ऑपरेशन लगातार जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इन आतंकियों के खात्मे तक अभियान थमेगा नहीं। पाकिस्तान से आए लगभग सभी आतंकियों का सफाया किया जा चुका है। अगर सुरक्षा बल इन तीनों को जल्द ढूंढने में सफल होते हैं तो घाटी को आतंक मुक्त करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जाएगा।

 

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