लखनऊ की प्राइवेट टाउनशिप में सीवेज सिस्टम की होगी जांच, कमिश्नर ने दिए ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ के निर्देश
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की बड़ी प्राइवेट टाउनशिप में रहने वाले लोगों और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब निजी बिल्डरों द्वारा बनाए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि बिल्डरों ने कागजों पर जो वादे किए थे, जमीन पर प्लांट उसी क्षमता और गुणवत्ता के साथ काम कर रहे हैं या नहीं।
बुधवार को लखनऊ के मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत खुद ग्राउंड जीरो पर उतरे और गोमती नगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड और ओमैक्स ग्रुप की टाउनशिप का औचक निरीक्षण किया।

ग्राउंड रिपोर्ट: कहां क्या मिला?
निरीक्षण के दौरान एलडीए (LDA) उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार और मुख्य नगर नियोजक के.के. गौतम भी कमिश्नर के साथ मौजूद रहे।
शालीमार वन वर्ल्ड: यहां एसटीपी चालू हालत में मिला। कमिश्नर ने सीवेज और शोधित (प्यूरीफाइड) पानी की रिपोर्ट जांची, जो मानकों के हिसाब से सही पाई गई। यहाँ साफ किए गए पानी का इस्तेमाल पार्कों और ग्रीन बेल्ट की सिंचाई में किया जा रहा है।
ओमैक्स ग्रुप टाउनशिप: यहां भी एसटीपी का मुआयना किया गया। समीक्षा में सामने आया कि शोधित जल का पुन: उपयोग टॉयलेट ब्लॉक्स में किया जा रहा है, जो जल संरक्षण की दिशा में अच्छा कदम है।
क्यों जरूरी है ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’?
निरीक्षण के बाद मण्डलायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि शहर की सभी निजी टाउनशिप के एसटीपी की जांच किसी बाहरी विशेषज्ञ संस्था (थर्ड पार्टी) से कराई जाए। इसके पीछे मुख्य कारण हैं।
क्षमता की जांच: क्या एसटीपी उतनी ही आबादी का बोझ उठा पा रहा है जितना डीपीआर (DPR) में दावा किया गया था?
प्रभावी संचालन: क्या प्लांट चौबीसों घंटे सही मानकों पर काम कर रहे हैं?
भविष्य की तैयारी: मॉनिटरिंग सिस्टम को इतना मजबूत करना कि सीवेज का गंदा पानी गोमती या नालों में सीधे न बहे।
प्रदूषण बोर्ड की गाइडलाइन पर बनेगा SOP
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की गाइडलाइन के मुताबिक एक SOP (Standard Operating Procedure) तैयार की जाए। इससे एसटीपी चलाने के लिए एक फिक्स नियम होगा, जिससे किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं रहेगी।
Also Read: Lucknow News: बीकेटी और गोसाईंगंज में 38 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त; 9 बिल्डिंग्स पर लगा ताला

