SGPGI में ब्रेन ट्यूमर का इलाज अब बिना सर्जरी संभव! ‘गामा नाइफ’ तकनीक से उपचार की तैयारी
Sandesh Wahak Digital Desk: संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) अब उन्नत उपचार की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। संस्थान में जल्द ही बिना सर्जरी के ट्यूमर, विशेषकर ब्रेन ट्यूमर, का इलाज करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, संस्थान को एआई (AI) आधारित बनाने और डिजिटल पैथोलॉजी शुरू करने पर भी विचार चल रहा है।
SGPGI के निदेशक प्रो. आरके. धीमन ने शुक्रवार को छठे शोध दिवस पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
‘गामा नाइफ’ तकनीक
निदेशक प्रो. धीमन ने बताया कि ट्यूमर, विशेषकर ब्रेन ट्यूमर का इलाज, आने वाले समय में गामा नाइफ (Gamma Knife) तकनीक के ज़रिए किया जाएगा। यह तकनीक सर्जरी के बजाय रेडियोथेरेपी के माध्यम से ट्यूमर को नष्ट करने में सक्षम है।
प्रो. विनीता अग्रवाल ने गामा नाइफ के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यह एक अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक है, जिसमें मस्तिष्क, सिर और गर्दन में ट्यूमर व अन्य समस्याओं का इलाज किया जाता है।
इसमें कोई चीरा नहीं लगाया जाता, बल्कि गामा किरणों को अत्यधिक सटीकता से लक्षित क्षेत्र पर केंद्रित किया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुँचाए बिना असामान्य कोशिकाओं को नष्ट किया जा सके।
डिजिटल पैथोलॉजी और AI विजन
प्रो. धीमन ने संस्थान को और अधिक एडवांस करने के उद्देश्य से दो प्रमुख विजन साझा किए। उन्होंने कहा कि संस्थान में जल्द ही डिजिटल पैथोलॉजी स्कैनर की शुरुआत की जाएगी। इस तकनीक से जाँच के डेटा को स्लाइड से स्कैन कर कंप्यूटर पर लाया जा सकेगा, जिससे जानकारी को दुनिया के किसी भी हिस्से में साझा करना आसान होगा। आने वाले समय में पीजीआई के सभी विभागों का संचालन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित करने पर विचार चल रहा है।
संपूर्ण उत्तर प्रदेश को बेहतर इलाज
प्रो. धीमन ने बताया कि SGPGI केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि बाहर के मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण इलाज प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनका विजन SGPGI के साथ-साथ संपूर्ण उत्तर प्रदेश में स्थित करीब 44 मेडिकल कॉलेजों में टेलीमेडिसिन के ज़रिए बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिस पर काम शुरू हो चुका है।

