ताजमहल में शाहजहां का 371वां उर्स शुरू, असली कब्रों के दीदार के लिए उमड़ा जनसैलाब, 3 दिन एंट्री फ्री
Sandesh Wahak Digital Desk: मुगल बादशाह शाहजहाँ के तीन दिवसीय सालाना उर्स का भव्य शुभारंभ गुरुवार से ताजमहल में हुआ। उर्स के अवसर पर पर्यटकों के लिए निःशुल्क प्रवेश की सुविधा दी गई है, जिसके चलते पहले ही दिन करीब 60,000 सैलानियों ने दुनिया के इस सातवें अजूबे का दीदार किया। विशेष बात यह है कि साल में केवल इन्हीं तीन दिनों के लिए शाहजहाँ और मुमताज की असली कब्रों वाला तहखाना आम जनता के लिए खोला जाता है।
उर्स का कार्यक्रम और रस्में
पहला दिन (गुरुवार): उर्स की शुरुआत ‘गुस्ल’ की रस्म के साथ हुई, जिसके बाद एएसआई (ASI) और उर्स कमेटी ने फलों की चादर चढ़ाई।
दूसरा दिन (शुक्रवार): आज ‘संदल’ की रस्म अदा की जाएगी और शाम को कव्वाली का आयोजन होगा। (नोट: शुक्रवार होने के कारण दोपहर 2 बजे के बाद ही पर्यटकों को फ्री एंट्री मिलेगी)।
तीसरा दिन (शनिवार): उर्स के अंतिम दिन 1,720 मीटर लंबी सतरंगी हिंदुस्तानी चादर चढ़ाई जाएगी, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है। इसके साथ ही कुल शरीफ की फातिहा और लंगर का वितरण होगा।
सुरक्षा व्यवस्था और चुनौतियां
भारी भीड़ को देखते हुए सीआईएसएफ (CISF) और ताज सुरक्षा पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं। सैलानियों की लंबी कतारों को संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। भीड़ के कारण करीब 36 लोग (बच्चे और बुजुर्ग) अपने परिजनों से बिछड़ गए थे, जिन्हें पुलिस ने हेल्पडेस्क के माध्यम से दोबारा मिलाया। अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने उर्स के आयोजन का विरोध करते हुए एएसआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
पर्यटकों के लिए जरूरी सूचना
यदि आप उर्स के दौरान ताजमहल जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन समयों का ध्यान रखें। 16 जनवरी (शुक्रवार) सुबह से दोपहर 2:00 बजे तक स्मारक आम पर्यटकों के लिए बंद रहेगा (केवल नमाजियों को अनुमति)। दोपहर 2:00 बजे से सूर्यास्त तक प्रवेश निःशुल्क रहेगा। 17 जनवरी (शनिवार) सुबह से शाम तक प्रवेश निःशुल्क रहेगा और असली कब्रें देखी जा सकेंगी।
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