राहुल-खरगे से Shashi Tharoor ने की मुलाकात, बोले- सब कुछ ठीक, सब एक साथ

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर (Shashi Tharoor) की पार्टी को लेकर नाराजगी की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही थीं। इन्हीं चर्चाओं के बीच गुरुवार को शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। यह बैठक संसद भवन स्थित मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई और काफी देर तक चली। मुलाकात के बाद थरूर ने साफ शब्दों में कहा कि सब कुछ ठीक है और पार्टी में सभी एक साथ हैं।

मुलाकात को बताया सकारात्मक और सार्थक

केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बातचीत को बेहद अच्छी, सार्थक और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के साथ उनकी रचनात्मक चर्चा हुई है। थरूर ने बातचीत के बाद कहा कि अब सब कुछ ठीक है और सभी मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।

शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा कांग्रेस के लिए प्रचार किया है और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के दो प्रमुख नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही। थरूर ने कहा कि उन्होंने कभी पार्टी से दूरी नहीं बनाई और जहां भी जरूरत पड़ी, वहां प्रचार किया है।

केरल चुनाव में प्रचार जारी रखने का संकेत

वहीं आने वाले महीनों में केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने कहा कि वह हमेशा की तरह आगे भी पार्टी के लिए प्रचार करते रहेंगे। उन्होंने यह संकेत दिया कि चुनावी अभियान में उनकी सक्रिय भूमिका बनी रहेगी।

वहीं शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने केरल में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी तरह की दावेदारी से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद उनके लिए कभी मुद्दा ही नहीं रहा। इस सवाल पर कि क्या इस विषय पर पार्टी नेतृत्व से कोई बातचीत हुई, थरूर ने कहा कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी भी पद के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है और वह पहले से सांसद हैं। उन्होंने कहा कि तिरुवनंतपुरम के मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया है और उनका दायित्व संसद में उनके हितों की रक्षा करना है।

Shashi Tharoor को लेकर लग रहीं थीं अटकलें

दरअसल शशि थरूर (Shashi Tharoor) की नाराजगी को लेकर अटकलें उस समय तेज हो गई थीं जब उन्होंने कांग्रेस की कई बैठकों से दूरी बनाई। इससे पहले उन्होंने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की ओर उनके झुकाव की बातें कही जा रही थीं।

वहीं अभी हाल ही में कांग्रेस की एक अहम बैठक में शामिल न होने पर शशि थरूर ने सफाई दी थी कि उन्हें न्योता काफी देर से मिला था। उन्होंने कहा था कि पहले से तय कार्यक्रम के कारण उनके पास उसे बदलने का विकल्प नहीं था। यह बैठक सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित की गई थी। इन सभी घटनाओं के बाद पार्टी नेतृत्व से उनकी मुलाकात को राजनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।

 

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