बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा, ICT ने मानवता के खिलाफ अपराध में दोषी ठहराया

Sandesh Wahak Digital Desk: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने बड़ा फैसला सुनाया है।

दरअसल, बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी करार दिया है। ट्रिब्यूनल ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को फांसी की सजा सुनाई है।

कोर्ट ने वायरल ऑडियो को भी माना अहम सबूत

अदालत ने फैसला सुनाते समय वह वायरल ऑडियो भी जारी किया, जिसमें शेख हसीना पुलिस प्रमुख को भीड़ पर गोली चलाने का निर्देश देती सुनाई देती हैं। ऑडियो की फॉरेंसिक जांच में उसकी वास्तविकता की पुष्टि हुई थी, जिसे अदालत ने महत्वपूर्ण सबूत माना।

Sheikh Hasina

कोर्ट ने अपने निर्णय में मानवाधिकार आयोग की उन रिपोर्टों का भी हवाला दिया, जिनमें जुलाई विद्रोह के दौरान हुई गोलीबारी और नागरिकों की मौतों पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

458 पन्नों का विस्तृत फैसला

ICT ने हसीना के खिलाफ 458 पन्नों का विस्तृत फैसला जारी किया। इसमें कहा गया है कि जुलाई विद्रोह के दौरान हुई मौतों और गोलीबारी के लिए शेख हसीना प्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार थीं।

फैसले में यह भी उल्लेख है कि जनवरी 2024 के चुनावों के बाद हसीना का शासन तानाशाही की ओर बढ़ गया था, विपक्ष को दबाया गया और जब छात्र आंदोलन सड़कों पर आया, तो उसके खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया।

कैसे फंसीं शेख हसीना?

जुलाई विद्रोह हत्या मामले में बांग्लादेश सरकार ने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर मामला दर्ज किया था।

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब IGP अल-मामून ने कोर्ट में हसीना के खिलाफ गवाही देने का फैसला किया। इसी बीच हसीना और पुलिस प्रमुख के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आया, जिससे केस और मजबूत हो गया।

ऑडियो की पुष्टि होते ही अदालत ने केस की सुनवाई तेज कर दी और अंततः हसीना को दोषी करार दिया।

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