वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल का निधन, मुंबई हमले के बाद दिया था इस्तीफा

Sandesh Wahak Digital Desk: कांग्रेस के कद्दावर नेता और देश के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल चाकुरकर का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। 90 वर्ष की आयु में उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर स्थित अपने आवास देववर में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे और घर पर ही उनका इलाज चल रहा था।

शिवराज पाटिल भारतीय राजनीति के उन गिने-चुने नेताओं में शुमार थे, जिन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में कई उच्च और महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली। महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र से आने वाले शिवराज पाटिल का राजनीतिक करियर बेहद प्रभावशाली रहा।

राज्य की राजनीति: वह 1973 से 1980 तक महाराष्ट्र विधानसभा के दो बार सदस्य रहे, जहाँ उन्होंने डिप्टी स्पीकर और फिर स्पीकर की जिम्मेदारी निभाई।

केंद्र की राजनीति: 1980 में वह पहली बार सातवीं लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वे लगातार छह बार (1984 से 1999 तक) लोकसभा चुनाव जीते और कई केंद्रीय मंत्रालयों में मंत्री पद पर रहे।

लोकसभा स्पीकर: वे लोकसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनका जीत का यह सिलसिला 2004 में तब टूटा, जब उन्हें भाजपा उम्मीदवार रूपाताई पाटिल निलंगेकर से हार का सामना करना पड़ा।

राष्ट्रीय राजनीति में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्हें कांग्रेस पार्टी के विश्वसनीय चेहरों में गिना जाता था। 2004 में उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री बनाया गया था। हालाँकि, 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमलों के बाद उन्होंने राजनीतिक मर्यादा और जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने शांत स्वभाव और संतुलित कार्यशैली के लिए उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में हर दल के नेताओं से सम्मान मिला।

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