Jaunpur News: याचिकाकर्ता को धमकाने वाले SHO समेत 4 पुलिसकर्मियों और लेखपाल को किया गया सस्पेंड
Jaunpur News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका को वापस लेने के लिए दबाव बनाना एक थानाध्यक्ष, तीन पुलिसकर्मियों और एक लेखपाल को बहुत महंगा पड़ गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दोषी पाए जाने के बाद इन सभी को निलंबित कर दिया गया है, जो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी पर एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, यह मामला मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गौरी शंकर सरोज से जुड़ा है। उन्होंने अपनी भूमि से संबंधित एक जनहित याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर की थी। आरोप है कि इस याचिका को वापस लेने के लिए लेखपाल विजय शंकर और दो सिपाहियों पंकज मौर्य और नितेश कुमार गौड़ ने गौरी शंकर सरोज को धमकाया।
SP ने की जांच, फिर हुई कार्रवाई
याचिकाकर्ता गौरी शंकर सरोज ने इस धमकी की शिकायत सीधे उच्च न्यायालय में की थी। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ को जांच के निर्देश दिए। एसपी डॉ. कौस्तुभ ने खुद इस पूरे प्रकरण की गहन जांच की। जांच में जब आरोप सही पाए गए, तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देर रात थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह, उपनिरीक्षक इंद्रदेव सिंह, और दोनों सिपाही पंकज मौर्य व नितेश कुमार गौड़ को निलंबित कर दिया।
लेखपाल भी नप गए, मुकदमा भी दर्ज
इसी प्रकरण में मछलीशहर के उप-जिलाधिकारी (SDM) ने भी कार्रवाई करते हुए लेखपाल विजय शंकर को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, इस पूरे मामले में दो पुलिसकर्मियों, लेखपाल और याचिकाकर्ता के विपक्षी शिवगोविंद के खिलाफ मुंगरा बादशाहपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।

