श्रावस्ती: किसान यूनियन की ‘आर-पार की लड़ाई’, सीएमओ को धरना स्थल पर दो घंटे बिठाया

श्रावस्ती। इकौना बाईपास पर हुए सड़क दुर्घटना के घायल को टांका लगाने के लिए बाहर से सुई-धागा मंगाने और इलाज में कथित लापरवाही के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में सीएचसी अधीक्षक इकौना, डॉ. अवनीश कुमार तिवारी, पर कार्रवाई की मांग को लेकर 12 नवंबर से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे पीड़ित परिवार के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और भीम आर्मी के कार्यकर्ता गुरुवार को एकजुट हो गए।

सीएमओ को जमीन पर बिठाकर बातचीत

संगठनों ने नेशनल हाईवे-730 जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) इकौना उन्हें समझा-बुझाकर पुनः संजय पार्क स्थित धरना स्थल पर ले आए। 22 दिनों के धरने के बाद पहली बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अशोक कुमार सिंह के धरना स्थल पर पहुंचते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ और “भ्रष्ट तंत्र” के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अधीक्षक अवनीश तिवारी के निलंबन की मांग की।

किसानों ने सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह को अपने साथ जमीन पर बिठाकर बातचीत शुरू की। जब वार्ता में कोई ठोस हल नहीं निकला, तो आक्रोशित किसानों ने ऐलान कर दिया कि जब तक कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, सीएमओ को धरना स्थल से जाने नहीं दिया जाएगा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने सीएमओ को दो घंटे से अधिक समय तक जमीन पर बिठाए रखा।

जांच और कार्रवाई पर बनी सहमति

लंबे गतिरोध के बाद, सीएमओ और किसानों के बीच एक समझौता पत्र पर सहमति बनी, जिस पर सीएमओ ने हस्ताक्षर किए। दो दिन के भीतर किसी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच अवधि के दौरान अधीक्षक डॉ. अवनीश तिवारी अनिवार्य रूप से छुट्टी पर रहेंगे। मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्च अधिकारियों द्वारा तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद ही सीएमओ को धरना स्थल से जाने दिया गया। इस दौरान, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, सीओ और एसडीएम इकौना सहित कई थानों की पुलिस तैनात रही।

रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा

 

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