श्रावस्ती: 150 लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे पिता-पुत्र गिरफ्तार, दो फरार
Sandesh Wahak Digital Desk: श्रावस्ती जिले के हरदत्त नगर गिरंट क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े सामूहिक धर्मांतरण के प्रयास को विफल कर दिया है। 9 नवंबर को हरदत्त नगर गिरंट के मजरा भया पुरवा में लगभग 150 ग्रामीणों को हिन्दू धर्म से ईसाई धर्म में परिवर्तित होने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहे दो मुख्य आरोपियों (पिता-पुत्र) को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो अन्य आरोपी भागने में सफल रहे।

घटनाक्रम और आरोपियों की गिरफ्तारी
प्रभारी निरीक्षक महिमा नाथ उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग तम्बू-कनात लगाकर ग्रामीणों को इकट्ठा कर रहे हैं और ईसाई धर्म का धर्मग्रंथ व पोस्टर हाथ में लेकर उन्हें “यीशू के लहू” के नाम पर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राजेश कुमार उर्फ गगलू पुत्र कुन्दन और कुन्दन पुत्र मंशा राम (निवासीगण भयापुरवा) को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने बताया कि अभियुक्तों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
पुलिस पर हमला और बरामदगी
धर्मांतरण रोकने गई हरदत्त नगर गिरंट की पुलिस टीम पर अराजक तत्वों द्वारा हमला किए जाने का भी मामला सामने आया है। हालांकि किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हमलावरों की पहचान के बाद उन्हें गिरफ्तार करने के लिए टीमें गठित की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सामग्री बरामद हुई, जिसमें 10 बाइबिल (हिन्दी में), 484 बैपटिज्म सर्टिफिकेट, 197 लाइसेंस कार्ड, इमैनुअल मिनिस्ट्री परिचय पत्र और विभिन्न बैंकों की पासबुक व आधार कार्ड की छायाप्रतियाँ शामिल हैं।
प्रलोभन का खेल और पारिवारिक नेटवर्क
पूछताछ में आरोपी राजेश कुमार ने खुलासा किया कि वे ग्रामीणों को गहने, धन, अनाज और खाद्य सामग्री आदि का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करते थे। इस कार्य में उनका भाई शाखा और चचेरा भाई रवि भी शामिल है, जो आस-पास के जिलों से लोगों को उनके गाँव भेजते थे।
पुरानी घटना
बजरंग दल द्वारा घर वापसी: हरदत्त नगर गिरंट के भया पुरवा में निवासरत महावत जाति के लोग वर्षों से धर्म कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं। वर्ष 2007 में भी इस पूरे समुदाय का सामूहिक धर्मांतरण कराया गया था, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुद्धिकरण कर उनकी पुनः हिन्दू धर्म में घर वापसी कराई थी।
संदेश वाहक का सवाल सच साबित: इस सन्दर्भ में ‘संदेश वाहक’ समाचार पत्र ने अपनी 4 मार्च के अंक में “बड़े धर्मांतरण की तैयारी तो नहीं प्रभु यीशु की प्रार्थना सभा?” नामक शीर्षक से विस्तृत समाचार प्रकाशित किया था। उस समय ‘संदेश वाहक’ द्वारा उठाया गया यह सवालिया निशान वाला समाचार एक बार फिर सच साबित हुआ है, जिसमें जिले में ईसाई मिशनरियों की बढ़ी हुई सक्रियता और प्रलोभन देने की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए थे।
धर्मांतरण की जड़: श्रावस्ती की गरीबी और अशिक्षा
जिले में समय-समय पर धर्मांतरण के मामले सामने आने की मुख्य वजह एक बड़ी आबादी का गरीब और अशिक्षित होना माना जा रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की साक्षरता दर 50% से भी कम थी। उद्योग-धंधों की कमी के कारण गरीबी में जीवन यापन कर रहे लोगों को धन का लालच देकर बहला-फुसलाया जा रहा है।
रिपोर्ट : माता प्रसाद वर्मा
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