लखनऊ से शुरू हुई ‘श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा’, मुख्यमंत्री योगी ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत

Sandesh Wahak Digital Desk: सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर शनिवार को राजधानी लखनऊ से ‘श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा’ का शुभारंभ हुआ। इस यात्रा की शुरुआत गुरुद्वारा नाका हिंडोला से हुई और यह दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा शीशगंज साहिब तक जाएगी, जहां गुरु जी ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।

यात्रा में न सिर्फ सिख समुदाय के श्रद्धालु, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी भारी संख्या में शामिल हुए, जिससे धार्मिक एकता और भाईचारे का भाव साफ नजर आया।

मुख्यमंत्री योगी ने किया स्वागत, पुष्पवर्षा कर अर्पित की श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास के पास इस यात्रा का भव्य स्वागत किया। पुष्पवर्षा कर गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान धर्म, आस्था और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए था। उन्होंने औरंगजेब जैसे शासक के अत्याचारों का मुकाबला कर पूरे समाज को धार्मिक स्वतंत्रता का संदेश दिया।” मुख्यमंत्री ने इस संदेश यात्रा को “350 साल पुराने बलिदान की स्मृति को जाग्रत करने वाला एक आध्यात्मिक अभियान” बताया।

यात्रा की शुरुआत से पहले गुरुद्वारे में शबद कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। इसके बाद गुरु का लंगर भी वितरित किया गया। यह यात्रा आस्था, इतिहास और भारतीय संस्कृति के गौरव का प्रतीक बनती दिखी। यात्रा लखनऊ से चलकर कानपुर, इटावा, आगरा समेत कई शहरों से होते हुए दिल्ली पहुंचेगी। हर शहर में स्थानीय संगत इसका भव्य स्वागत करेगी।

धर्मांतरण पर योगी सरकार का बड़ा खुलासा

यात्रा के मौके पर मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा “कुछ ताकतें भारत के सांस्कृतिक स्वरूप और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की साजिश कर रही हैं। धर्मांतरण कराने वाले गिरोह को विदेशों से भारी फंडिंग मिल रही है।”

सीएम ने जानकारी दी कि एक धर्मांतरण गिरोह का सरगना गिरफ्तार हो चुका है और प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के लेन-देन के सबूत सामने आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि धर्म परिवर्तन के लिए बाकायदा रेट तय किए गए थे और लोगों को भय, लालच व धोखे से इस जाल में फंसाया जा रहा था।

संदेश यात्रा बना एकता का प्रतीक

‘श्री तेग बहादुर संदेश यात्रा’ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि धर्मनिरपेक्षता, बलिदान और भाईचारे का संदेश लेकर चल रही है। यह याद दिलाती है कि भारत की आत्मा उसकी विविधता और सहिष्णुता में ही बसती है।

समाप्ति स्थल: गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, चांदनी चौक, दिल्ली

आयोजन अवधि: 13 जुलाई से यात्रा शुरू, दिल्ली में भव्य समापन की तैयारी

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