सिद्धार्थ विश्वविद्यालय को मिली बड़ी उपलब्धि: प्रोफेसर शिल्पी श्रीवास्तव को 11 लाख का रिसर्च ग्रांट
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु की विज्ञान संकाय की सहायक प्रोफेसर डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश (CST-UP) द्वारा ₹11 लाख का अनुसंधान अनुदान मिला है। यह ग्रांट उनकी परियोजना “नैनोमटेरियल्स के साथ पॉलिमर की उत्प्रेरक दक्षता में वृद्धि” के लिए दिया गया है।

क्या है परियोजना का उद्देश्य?
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि यह परियोजना ऊर्जा, पर्यावरण और औद्योगिक प्रक्रियाओं के लिए उच्च दक्षता वाले उत्प्रेरकों (catalysts) के निर्माण पर केंद्रित है। पारंपरिक उत्प्रेरकों में कई कमियां होती हैं, जैसे कम सतह क्षेत्र और अधिक ऊर्जा खपत। उनकी रिसर्च का मकसद ग्रेफीन, कार्बन नैनोट्यूब्स, और क्वांटम डॉट्स जैसे नैनोमटेरियल्स को पॉलिमर के साथ मिलाकर उनकी दक्षता बढ़ाना है। उनका मानना है कि इस परियोजना की सफलता से नवीकरणीय ऊर्जा तकनीकों में नई खोज होगी, जिससे भारत के स्थायी ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा मिलेगा।
कुलपति ने जताई खुशी
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह रिसर्च ग्रांट विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों को एक नई दिशा देगा। विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. प्रकृति राय, विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मण सिंह सहित सभी शिक्षकों ने डॉ. शिल्पी श्रीवास्तव को उनकी इस सफलता पर बधाई दी है।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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