वैश्विक मंच पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, मलेशिया की सनवे यूनिवर्सिटी के साथ हुआ ऐतिहासिक समझौता

Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर के सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने मलेशिया की सनवे यूनिवर्सिटी के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मकसद दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान के क्षेत्र में आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है।

समझौते के प्रमुख बिंदु

संयुक्त शोध परियोजनाएं: अब दोनों विश्वविद्यालयों के बीच कला, विज्ञान, वाणिज्य और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में मिलकर शोध कार्य किए जाएंगे।

छात्र और शिक्षक विनिमय: इस समझौते से छात्रों और शिक्षकों को एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर पढ़ाई और शोध का मौका मिलेगा।

अंतर्राष्ट्रीय कार्यशालाएं: दोनों विश्वविद्यालय मिलकर सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिससे विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर ज्ञान हासिल करने का अवसर मिलेगा।

क्षेत्रीय विकास: यह समझौता सिद्धार्थनगर क्षेत्र में विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देगा और छात्रों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।

क्या कहते हैं अधिकारी?

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति, प्रो. कविता शाह ने इस समझौते को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह MoU हमारे छात्रों और शोधकर्ताओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक वैश्विक मंच देगा। साथ ही, यह दोनों देशों की शैक्षणिक परंपराओं को आपस में जोड़कर एक मजबूत वैश्विक साझेदारी की नींव रखेगा।

इस ऐतिहासिक समझौते को सफल बनाने में दोनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ-साथ कई अधिकारियों की अहम भूमिका रही, जिसमें सनवे यूनिवर्सिटी के प्रो. जेड थम और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्रो. सौरभ प्रमुख हैं। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

Also Read: अयोध्या में यूरिया के लिए हाहाकार, खाद वितरण के दौरान हंगामा, कई जगहों पर लाठीचार्ज

Get real time updates directly on you device, subscribe now.