सिद्धार्थनगर: हवाई हमले की चेतावनी और गूंजता सायरन, ‘ब्लैक आउट’ मॉक ड्रिल के जरिए परखी गईं तैयारियां
सिद्धार्थनगर: किसी युद्ध या हवाई हमले की स्थिति में खुद को और दूसरों को कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसी का जीवंत अहसास कराने के लिए सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में ‘ब्लैक आउट मॉक ड्रिल’ का सफल आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और नागरिक सुरक्षा विभाग की इस संयुक्त कवायद ने लोगों को संकट के समय धैर्य और सूझबूझ से काम लेने का संदेश दिया।

सायरन बजते ही थम गई बिजली और ठहर गया शहर
मॉक ड्रिल की शुरुआत हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन की तेज गूंज के साथ हुई। सायरन बजते ही निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत प्रभावित क्षेत्रों की बिजली काट दी गई और पूरी तरह ‘ब्लैक आउट’ कर दिया गया। इस दौरान नागरिकों ने सायरन सुनते ही सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) में शरण लेने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। अंधेरे के बीच आग बुझाने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने का प्रदर्शन किया गया। हमला टलने की सूचना के तौर पर दोबारा सायरन बजाया गया, जिसके बाद जनजीवन सामान्य होने की प्रक्रिया पूरी की गई।

वॉलंयटियर्स ने दिखाया अपना कौशल
इस ड्रिल में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी (NCC) कैडेट्स, स्काउट गाइड और अग्निशमन विभाग के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। टीम ने दिखाया कि कैसे छोटी आग लगने पर उसे तुरंत काबू किया जाता है। घायलों को मलबे या प्रभावित क्षेत्र से निकालकर फर्स्ट-एड दिया जाता है। गंभीर रूप से घायल लोगों को स्ट्रेचर और एम्बुलेंस के जरिए तेजी से अस्पताल पहुंचाया जाता है।
अधिकारियों की मौजूदगी में परखी गई मुस्तैदी
जिलाधिकारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की निगरानी अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ने की। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी और एसडीएम (नौगढ़) सहित जिले के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इस ड्रिल को बेहद सफल बताया और कहा कि ऐसी एक्सरसाइज से न केवल सुरक्षा एजेंसियों का समन्वय बेहतर होता है, बल्कि आम नागरिकों में भी आत्मविश्वास बढ़ता है।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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