सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन, डीपीओ का वेतन रोका, बीएमएम को हटाने का आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरी है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने नौगढ़ विकास खंड स्थित स्वास्तिक प्रेरणा लघु उद्योग का औचक निरीक्षण करने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और बीएमएम (BMM) को पद से हटाने का सख्त निर्देश दिया है।

निरीक्षण में खुली लापरवाही की पोल
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत खजुरिया (नगवा) में पोषाहार उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया, जहाँ शासन की मंशा के विपरीत भारी अनियमितताएं और सुस्ती पाई गई।
इकाई द्वारा 50 मीट्रिक टन पोषाहार का उत्पादन किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि 198 आंगनबाड़ी केंद्रों के सापेक्ष केवल 26 केंद्रों पर ही मात्र 7 मीट्रिक टन का वितरण हुआ। पोषाहार वितरण की इतनी धीमी गति और स्टॉक रजिस्टर व वितरण रजिस्टर में विसंगतियां देख जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।

जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई
शासन की महत्वाकांक्षी योजना में रुचि न लेने और कार्य में शिथिलता बरतने पर डीएम ने मौके पर ही कड़े आदेश जारी किए। डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) साहब यादव का वेतन तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। इसके साथ ही ब्लॉक मिशन मैनेजर (BMM) को लापरवाही के चलते पद से हटाने का निर्देश दिया गया है।
डीएम ने डीसी एनआरएलएम (DC-NRLM) और जिला कार्यक्रम अधिकारी को समन्वय बनाकर समय से आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषाहार पहुंचाने की हिदायत दी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद की सभी पोषाहार उत्पादन इकाइयां अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करें। इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी डीसी एनआरएलएम देवनन्दन दूबे को सौंपी गई है। निरीक्षण के समय विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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