सिद्धार्थनगर दवा विक्रेता समिति ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजा ज्ञापन, जानिए क्या है मामला
Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी (GST 2.0) की दरों में की गई कटौती से जहां एक ओर उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के छोटे दवा व्यापारियों के लिए यह फैसला नुकसानदेह साबित हो रहा है।
इस संबंध में सिद्धार्थनगर दवा विक्रेता समिति के जिलाध्यक्ष मो. जमील सिद्दीकी ने बुधवार को भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक ज्ञापन भेजकर इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है।

क्या है छोटे दवा व्यापारियों की समस्या?
ज्ञापन में बताया गया है कि समस्या यह है कि दवा व्यापारी पहले से ही उच्च जीएसटी दर पर दवाइयां खरीद चुके थे। अब जब सरकार ने दरें घटा दी हैं, तो उन्हें मजबूरी में अपना पुराना स्टॉक कम कीमत पर बेचना पड़ रहा है।
चूंकि अधिकांश छोटे व्यापारी या तो जीएसटी में पंजीकृत नहीं हैं, या फिर कम्पोजिट डीलर हैं, इसलिए उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण उन्हें सीधे आर्थिक घाटा उठाना पड़ रहा है।
दवाइयों पर जीएसटी दरों में कटौती (जैसे 18% से 5%, 12% से 0% और 12% से 5%) उपभोक्ताओं के लिए तो राहत लाई है, लेकिन छोटे व्यापारियों का कहना है कि उन्हें इस घाटे से बचाने के लिए सरकार को कोई बीच का रास्ता निकालना चाहिए।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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