सिद्धार्थनगर जेल अधीक्षक सचिन वर्मा की मानवीय पहल, जरूरतमंदों में वितरित किए कंबल

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए, जिला कारागार के अधीक्षक सचिन वर्मा ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक और मानवीय पहल की है। उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले असहाय, गरीब और जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत प्रदान करने के लिए 450 कंबलों का वितरण किया। यह पूरा अभियान अधीक्षक वर्मा की व्यक्तिगत संवेदनशीलता और समाज के प्रति दायित्वबोध को ध्यान में रखते हुए संपन्न हुआ।

सिद्धार्थनगर में पिछले कई दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सड़क किनारे जीवन व्यतीत करने वाले, रेलवे स्टेशन पर रात गुजारने वाले यात्रियों और बेसहारा नागरिकों के लिए गंभीर ठंड का सामना करना मुश्किल हो रहा है। इस स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधीक्षक वर्मा ने स्वयं अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया और तत्काल राहत सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की।

Jail Superintendent Sachin Verma

गौशाला से हुई शुरुआत, रेलवे स्टेशन तक पहुँची मदद

राहत अभियान की शुरुआत शहर की गौशाला से की गई, जहाँ रात में पशुओं और उनसे जुड़े लोगों को अत्यधिक ठंड का सामना करना पड़ता है। अधीक्षक वर्मा ने वहाँ उपस्थित सभी जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और ठंड से बचाव के प्रति उन्हें जागरूक भी किया।

इसके बाद, वे सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पहुँचे और किनारे बैठे अनेक लोगों को स्वयं कंबल प्रदान किए, साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रात बिताने की सलाह दी। शहर के प्रमुख मंदिर प्रांगणों में ठहरने वाले गरीब, वंचित और असहाय लोगों के बीच भी कंबलों का वितरण किया गया। शहर के प्रमुख चौराहों विशेषकर साड़ी चौराहा और नौगढ़ में झुग्गी-झोपड़ी वाले परिवारों तक भी अधीक्षक की यह पहल पहुँची।

कंबल वितरण के दौरान अधीक्षक सचिन वर्मा ने कहा कि ठंड का मौसम गरीब और बेसहारा लोगों के लिए अत्यंत कठिन परिस्थितियाँ उत्पन्न करता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि समाज के सक्षम लोग आगे आएं और अपने आसपास मौजूद जरूरतमंदों की सहायता अवश्य करें, क्योंकि एक छोटा-सा कंबल किसी के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

जिला कारागार सिद्धार्थनगर के अधीक्षक वर्मा द्वारा किया गया यह प्रयास समाज के कमजोर और वंचित वर्ग के प्रति एक अनुकरणीय उदाहरण है, जो यह सिद्ध करता है कि प्रशासनिक दायित्व केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज की संवेदना से जुड़े होते हैं। इस मानवीय अभियान के दौरान मंसूर अहमद, धीरज राय, नौमी लाल, अभिषेक पाण्डेय, अनूप वर्मा, परमेंद्र सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- जाकिर खान

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