Siddharthnagar News: नई शिक्षा नीति पर मंत्री अनिल राजभर का बड़ा बयान, विपक्ष पर साधा निशाना

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय विभाग के मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि जो लोग सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर “पाठशाला की जगह मधुशाला” जैसी बातें कर रहे हैं, उन्हें उनकी सोच मुबारक हो। मंत्री राजभर एक दिवसीय दौरे पर सिद्धार्थनगर पहुंचे थे और इस दौरान “संदेश वाहक” से विशेष बातचीत कर रहे थे।

मंत्री ने कहा, “ऐसे लोग वही हैं जिन्हें शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। आजादी के बाद से देश अंग्रेजों की बनाई शिक्षा नीति पर चल रहा था। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में नई शिक्षा नीति लागू हुई है, जो जनहित में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। जिस तरह के मानक तय किए गए हैं, उन्हें पहले कभी न किसी ने सुना और न ही देखा।”

छोटे स्कूलों का होगा समायोजन

मंत्री राजभर ने बताया कि सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिन स्कूलों में 50 से कम छात्र हैं, उन्हें आसपास के 500 मीटर से डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मौजूद विद्यालयों के साथ समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को भी नई सुविधाओं और आधुनिक स्वरूप के साथ विकसित किया जाएगा।

अनिल राजभर ने बताया कि सिद्धार्थनगर दौरे का उद्देश्य वाराणसी में होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा करना था। उन्होंने कहा काशी में पीएम मोदी का दौरा और कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण है। इसी की तैयारी के लिए मैं यहां आया हूं और इसके बाद वाराणसी जाऊंगा।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान, फतेह बहादुर सिंह, भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीपक मौर्य समेत कई स्थानीय नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट – जाकिर खान।

 

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