जेल में हुई दोस्ती, फिर बनाया ‘बरेली गैंग’, सिद्धार्थनगर में शातिर चोर गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर जनपद की इटवा पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को एक बड़ी कामयाबी मिली है। टीम ने अंतरराज्यीय और अंतर्जनपदीय चोरी करने वाले शातिर ‘बरेली गैंग’ का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी के भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
जेल में बना था चोरी का मास्टर प्लान
गिरफ्तार अभियुक्त अनीश ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि साल 2022 में जब वह शाहजहांपुर जेल में बंद था, तब उसकी मुलाकात बरेली के रहने वाले दौलत उर्फ डॉन और उमीद खान से हुई। जेल से बाहर आने के बाद इन तीनों ने मिलकर एक गिरोह बनाया। इनका काम करने का तरीका बड़ा शातिर था; ये घरों और ज्वैलरी की दुकानों की रेकी करते और फिर रात के अंधेरे में हाथ साफ कर देते थे।
चोरी का माल और नेपाल कनेक्शन
अभियुक्त अनीश को 12/13 जनवरी की रात पिपरा पठान के पास हनुमान मंदिर से तब दबोचा गया, जब वह चोरी के जेवर बेचने की फिराक में था। उसने स्वीकार किया कि वे चोरी किए गए जेवरात आपस में बांट लेते थे। इनमें से काफी सामान उन्होंने नेपाल में बेच दिया था और बचा हुआ माल भी वह नेपाल ले जाकर ठिकाने लगाने वाला था।

बरामदगी का ब्योरा
- 6 जोड़ी पायल और 2 जोड़ी बिछिया (चांदी)
- गले के 2 हार और 1 चेन (सोना)
- 5 अंगूठी और 2 नाक की कील (सोना)
- 3 जोड़ी झाले और 1 जोड़ी बाली (सोना)
- नकदी और अन्य सामान।
5 बड़ी चोरियों का खुलासा
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत सौरयान (IPS) ने बताया कि अनीश की गिरफ्तारी से इटवा, डुमरियागंज और मिश्रौलिया थाना क्षेत्रों में हुई कुल 5 बड़ी चोरियों का खुलासा हुआ है। अनीश पर पहले से ही हत्या के प्रयास और एनडीपीएस (NDPS) जैसे 10 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
फरार साथियों की तलाश जारी
डॉ. अभिषेक महाजन (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक) के निर्देश पर गठित इस टीम ने गिरोह के एक सदस्य को तो जेल भेज दिया है, लेकिन गिरोह के दो अन्य सदस्य, जो बरेली के रहने वाले हैं, अभी फरार हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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