सिद्धार्थनगर: जमीन के नीचे घटते-बढ़ते पानी पर सरकार की पैनी नजर, 19 पीजोमीटर सिस्टम की हुई जांच

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में जमीन के नीचे मौजूद पानी (Groundwater) के स्तर की सटीक जानकारी रखने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग, बस्ती मंडल की एक विशेष टीम ने जनपद का दौरा कर यहां लगाए गए पीजोमीटर (Piezometer) सिस्टम की सघन जांच और परीक्षण किया।

क्या है पीजोमीटर और कैसे करता है काम?

अवर अभियंता अमरेंद्र सिंह ने अपनी टीम के साथ उसका बाजार विकास खंड के एक प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगे बोरवेल और पीजोमीटर सिस्टम का निरीक्षण किया। उन्होंने इसके काम करने के तरीके के बारे में कुछ अहम जानकारियां साझा कीं:

  • 10 किमी का दायरा: एक पीजोमीटर अपने आसपास के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में जमीन के नीचे जलस्तर (Water Level) की पल-पल की जानकारी देता है।

  • सीधा सरकार को रिपोर्ट: यह सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से डेटा रिकॉर्ड करता है और रोज की रिपोर्ट सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के पोर्टल पर भेजता है।

  • सिद्धार्थनगर में 19 सेंटर: जिले के अलग-अलग सरकारी परिसरों में ऐसे कुल 19 पीजोमीटर सिस्टम लगाए गए हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित और क्रियाशील हैं।

क्यों जरूरी है यह सिस्टम?

भूगर्भ जल विभाग के अधिशाषी अभियंता प्रमोद और सहायक अभियंता परमानंद ने संयुक्त रूप से बताया कि इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य जल संकट और सूखे जैसी आपदाओं से निपटना है। विभाग के पास हर क्षेत्र के जलस्तर का डेटा सुरक्षित रहता है, जिससे सरकार को यह तय करने में मदद मिलती है कि कहाँ पानी का संरक्षण करना है और कहाँ भूजल का दोहन रोकना है।

1975 से जल संरक्षण में जुटा विभाग

अवर अभियंता ने बताया कि भूगर्भ जल विभाग (UPGWD) साल 1975 से ही राज्य के जल संसाधनों के प्रबंधन का काम कर रहा है। अब ‘भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम 2019’ के तहत पूरे प्रदेश के 75 जिलों में कड़ाई से काम हो रहा है।

जरूरी जानकारी और पोर्टल

अगर आप जमीन से पानी निकालने के लिए पंजीकरण या एनओसी (NOC) चाहते हैं, तो विभाग की सेवाओं का लाभ ऑनलाइन ले सकते हैं:

  • आधिकारिक वेबसाइट: http://upgwdonline.in

  • हेल्पलाइन नंबर: 0522-4150500 (वर्किंग डेज में)

  • मुख्यालय: राज्य भूजल सूचना प्रणाली केन्द्र (भूजल भवन), लखनऊ।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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