Siddharthnagar News: वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने बरामद की 10 बाइक, नेपाल में बेचते थे गाड़ियां
Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर जनपदीय एसओजी एवं थाना मोहाना की संयुक्त टीम ने गुरुवार को क्षेत्रीय वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 3 शातिर चोर को 10 चोरी की मोटरसाइकिल के साथ गिरफ़्तार किया। उनकी पहचान इस प्रकार हुई:
1- सुधाकर हरिजन, निवासी बेतकुईयां, मधुबेनिया (नेपाल)
2- राजेश वर्मा, निवासी गढ़मोर, मोहाना (सिद्धार्थनगर)
3- अजय सोनकर, निवासी गोपीजोत, मोहाना (सिद्धार्थनगर)

गिरफ़्तारी की कार्यवाही
एसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि एसओजी एवं मोहाना थाना की संयुक्त टीम ने सड्डा तिराहे पर चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों को रोका था।
पूछताछ में वाहन के कागजात न दिखाने पर वह भागने लगे, जिन्हें तुरंत घेराबंदी कर दबोच लिया गया।
साथ ही, उनके पास से चोरी का दस्तावेज़ रहित वाहन और 10 मोटरसाइकिल बरामद हुए।
आपराधिक पृष्ठभूमि

-सुधाकर हरिजन के खिलाफ नेपाल में बाईक चोरी के 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
-राजेश वर्मा के विरुद्ध आबकारी व वाहन चोरी मामले में पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
-अजय सोनकर पर नशीले पदार्थ, अपहरण, बलात्कार सहित सशस्त्र एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज हैं।
मोहनिया पास आउटलेट और नेपाल तक स्कीम
पूछताछ में अपराधियों ने बताया कि वे मुख्य रूप से पहचान भीड़‑भाड़ वाले बाजारों में चोरी करते थे।
चोरी की मोटरसाइकिलों के पुर्जे स्थानीय कबाड़ी को बेचकर या, अगर वाहन सही हालत में हो, तब नेपाली नंबर प्लेट लगाकर पर्वतीय क्षेत्रों में भेज देते थे।
चोरी की गाड़ियों को जंगलों में जमा कर नेपाल ट्रांसपोर्ट की योजना रखते थे।
पुलिस टीम को किया गया सम्मानित
पुलिस अधीक्षक डॉ. महाजन ने संयुक्त कार्रवाई को सुर्ख़ियों में रखते हुए, टीम को ₹20,000 का नकद पुरस्कार दिया।
टीम में शामिल रहे थाना मोहाना थानाध्यक्ष उपाध्याय, एसओजी प्रभारी त्रिपाठी, चौकी प्रभारी यादव, सर्वेश यादव सहित अन्य जवानों को पाई-लाइन में सम्मानित किया गया।
आगे क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने FIR संख्या 102/25 धारा 303(2) BNS के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय भेज दिया।
एसपी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि नज़र आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
आपको बता दें कि इस कार्रवाई से सिद्धार्थनगर राज्य में वाहन चोरी की दुष्चक्र को कुंद करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। साथ ही पुलिस और नागरिकों के बीच सहयोग की मिशाल भी स्थापित हुई है।

