6 राज्यों में बढ़ी SIR की तारीख, UP को मिली सबसे अधिक मोहलत
Sandesh Wahak Digital Desk: निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए देश के छह राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार में अब SIR की नई तारीखों के अनुसार काम पूरा किया जाएगा। आयोग ने यह कदम तब उठाया है जब राज्यों की ओर से साफ संकेत मिले कि पहले निर्धारित समयसीमा में वेरिफिकेशन पूरा कर पाना संभव नहीं है।
क्यों बढ़ाई गई SIR की समयसीमा?
SIR प्रक्रिया की वेरिफिकेशन की अंतिम तिथि पहले 4 दिसंबर तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दिया गया। लेकिन यूपी और बंगाल सहित कई राज्यों में SIR की गति उम्मीद से काफी धीमी रही और बड़ा हिस्सा अभी भी अधूरा है। इसी वजह से राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने आयोग से समय बढ़ाने का अनुरोध किया। अनुरोध को स्वीकार करते हुए आयोग ने छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए तारीख बढ़ाते हुए कार्यक्रम में संशोधन कर दिया।

किस राज्य में अब कब तक चलेगा SIR?
तमिलनाडु और गुजरात में SIR की गणना अवधि अब 14 दिसंबर तक बढ़ाई गई है और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 19 दिसंबर को जारी होगी। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में SIR प्रक्रिया 18 दिसंबर तक चलेगी और ड्राफ्ट लिस्ट 23 दिसंबर को प्रकाशित होगी। सबसे लंबी समयसीमा उत्तर प्रदेश को दी गई है, जहां अब SIR की गणना 26 दिसंबर तक होगी और ड्राफ्ट लिस्ट 31 दिसंबर को जारी की जाएगी।
किन राज्यों में खत्म हो रहा है काम?
संशोधित कार्यक्रम से पहले इन छह राज्यों में गणना की अंतिम तिथि 11 दिसंबर थी और ड्राफ्ट सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित होनी थी। गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के लिए गणना की समयसीमा 11 दिसंबर को ही समाप्त हो रही है और इनकी ड्राफ्ट लिस्ट 16 दिसंबर को जारी कर दी जाएगी। केरल के लिए कार्यक्रम पहले ही संशोधित किया जा चुका है और वहां गणना 18 दिसंबर तक चलती रहेगी, जबकि ड्राफ्ट सूची 23 दिसंबर को आएगी।
नए वोटरों को प्रोत्साहित करने पर जोर
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र मतदाता को अंतिम वोटर सूची से बाहर न किया जाए, इसके लिए नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरकर घोषणा के साथ BLO के पास जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आयोग ने ECINet ऐप और वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरने का विकल्प भी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि फरवरी 2026 में प्रकाशित होने वाली अंतिम वोटर सूची में नए नाम शामिल हो सकें।
यूपी में कितनी अधूरी है SIR की प्रक्रिया?
यूपी में निर्वाचन आयोग को भारी मात्रा में अधूरा काम मिलने की वजह से समयसीमा बढ़ानी पड़ी। यूपी में करीब 2 करोड़ 91 लाख फॉर्म अभी तक वेरिफाई नहीं हो सके हैं। यही कारण है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने SIR के लिए 14 दिन का अतिरिक्त समय मांगा, जिसे आयोग ने मंजूर कर लिया।
वहीं बंगाल में SIR की गति तेज मानी गई, जहां 99.99% फॉर्म बांटे जा चुके हैं और 99.86% डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। इसके बावजूद करीब 57 लाख वोटरों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। ऐसी स्थिति में इन वोटरों के नाम अंतिम वोटर सूची से हटाए जा सकते हैं।
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