‘साहब! मेरा बेटा लाकर दे दो’, बेबस मां की गुहार, 45 दिन बाद भी कुशीनगर पुलिस के हाथ खाली

हाटा (कुशीनगर)। कहते हैं कि एक मां के लिए उसके बच्चे से बिछड़ने का गम दुनिया में सबसे बड़ा होता है। कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पिड़रा (कटैया टोला) में रहने वाली फूला देवी आज इसी दर्द से गुजर रही हैं। उनका 22 वर्षीय बेटा प्रदीप चौहान पिछले डेढ़ महीने से लापता है, लेकिन पुलिस की फाइलें अभी तक ‘जांच जारी है’ के आगे नहीं बढ़ पाई हैं।

आपको बता दें कि मामला पिछले साल 7 दिसंबर का है। गांव में शतचंडी महायज्ञ का आयोजन हुआ था, जहां रासलीला और प्रवचन चल रहा था। प्रदीप भी उसी झांकी को देखने और भक्ति रस का आनंद लेने घर से निकला था। लेकिन उस रात के बाद प्रदीप दोबारा अपने घर की दहलीज पर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह तलाश की, रिश्तेदारों के यहाँ चक्कर काटे, पर प्रदीप का कहीं कोई पता नहीं चला।

पुलिस की सुस्ती पर उठ रहे सवाल

आरोप है कि पीड़ित मां ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय औपचारिकता निभाई। घटना के 12 दिन बाद यानी 19 दिसंबर को पुलिस ने ‘गुमशुदगी’ तो दर्ज कर ली, पर उसके बाद मानो मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज प्रदीप को लापता हुए डेढ़ महीना (लगभग 45 दिन) बीत चुके हैं, मगर पुलिस के पास परिवार को देने के लिए ‘सुराग’ के नाम पर कुछ भी नहीं है।

पीड़ित फूला देवी अब अधिकारियों की चौखट पर दर-दर भटकने को मजबूर हैं। आंखों में आंसू लिए वह बस एक ही गुहार लगा रही हैं कि उनके बेटे को ढूंढ दिया जाए। घर के अन्य सदस्यों का भी बुरा हाल है। दूसरी तरफ, हाटा कोतवाल संजय दूबे का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज कर तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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