सीतापुर BSA-प्रिंसिपल विवाद: शिक्षिका अवंतिका गुप्ता निलंबित, जानिए क्यों हुई कार्रवाई?

Sandesh Wahak Digital Desk: सीतापुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अखिलेश प्रताप सिंह और प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा के बीच हुए हाई-प्रोफाइल विवाद के केंद्र में आईं शिक्षिका अवंतिका गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

शिक्षिका का वेतन रोके जाने के बाद, उन्हें 21 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक स्कूल में अनुपस्थित रहने के संबंध में जवाब देने के लिए 23 सितंबर 2025 को बीएसए कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया था। सुनवाई के लिए उपस्थित न होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।

क्या है विवाद की जड़?

यह पूरा विवाद शिक्षिका अवंतिका गुप्ता की हाजिरी को लेकर शुरू हुआ था। प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने आरोप लगाया कि बीएसए अखिलेश सिंह उनके पति पर शिक्षिका अवंतिका गुप्ता की अटेंडेंस लगाने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे, जबकि वह स्कूल में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहती थीं। बच्चों ने भी कैमरे पर बताया था कि शिक्षिका स्कूल देर से आती थीं और जल्दी चली जाती थीं। पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने भी कहा कि शिक्षिका लंबे समय से स्कूल नहीं आ रही थीं और हाजिरी लगाने का दबाव था।

विवाद तब गहराया जब प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका को पत्र भेजकर 21 अगस्त से 20 सितंबर तक की उपस्थिति का प्रमाण पत्र मांगा, जिसके बाद शिक्षिका ने बीएसए से शिकायत कर दी। इसी शिकायत पर जवाब देने के लिए बृजेंद्र वर्मा को कार्यालय बुलाया गया, जहाँ बात मारपीट तक पहुँच गई।

बीएसए से मारपीट और उसके बाद की कार्रवाई

मंगलवार (23 सितंबर) को बीएसए कार्यालय में प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा ने कथित तौर पर बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह को बेल्ट से पीट दिया, जिसका सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गया। बेसिक शिक्षा विभाग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए बृजेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई गई और बुधवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। विभाग ने मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) को विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

प्रधानाध्यापक को निलंबित किए जाने के विरोध में नदवा विद्यालय के बच्चों और अभिभावकों ने बुधवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया, जिससे पढ़ाई ठप रही। बच्चों ने बृजेंद्र वर्मा को बहाल करने की मांग की।

नेताओं के बयान और राजनीतिक हलचल

भाजपा विधायक आशा मौर्य ने नदवा स्कूल पहुंचकर ताला तुड़वाया और बच्चों से पढ़ने को कहा। उन्होंने माना कि प्रधानाध्यापक का बेल्ट से पीटना गलत है, लेकिन उनकी शिकायत को सही ढंग से रखना चाहिए था।

सीतापुर के सांसद राकेश राठौर ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि आक्रोश के मूल कारणों को समझना जरूरी है। उन्होंने बीएसए पर राजनीति करने का आरोप लगाया और शिक्षक पर भी पिटाई होने की सूचना पर उनकी FIR दर्ज कराने की मांग की। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि शिक्षक के हिंसक होने के पीछे की परिस्थितियों का सच सामने आ सके।

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